Naveen Patnaik Birthday: 24 साल से ओडिशा के सीएम का दायित्व निभाने वाले नवीन पटनायक ने राजनति को दी नई दिशा

ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक के 76वें जन्मदिन के अवसर पर न सिर्फ प्रदेश के लोग एवं नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामना दी है बल्कि खुद्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल केन्द्र मंत्री अश्विनी वैष्णव से लेकर विभिन्न प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने उनके दीर्घायु की कामना की।

Babita KashyapSat, 16 Oct 2021 02:08 PM (IST)
नवीन पटनायक आज एक ऐसा नाम हो जो अपराजेय, अप्रतिद्वंदीय है।

भुवनेश्वर, शेषनाथ राय। देश की राजनीति में नवीन पटनायक आज एक ऐसा नाम हो जो अपराजेय, अप्रतिद्वंदीय है। प्रवाद पुरुष स्व. बीजू पटनायक के निधन के बाद उनके छोटे बेटे ने ओडिशाके लोगों के आग्रह का सम्मान कर जब रजानीति में अपना पहला कदम रखा तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन नवीन पटनायक ना सिर्फ ओडिशा बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में शुमार होंगे। हालांकि उन्होंने अपने सेवा, विकास, सुशासन के जरिए ना सिर्फ खुद को प्रतिष्ठित किया बल्कि राजनीति को भी नई दिशा दी है। यही कारण है कि आज लगातार 24 साल से वह ओडिशा प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व निभाते आ रहे है। उनके सामने विरोधी दल के सभी अस्त्र फेल जाते हैं क्योंकि वह लोगों के नेता हैं। केवल राजनीति ही नहीं बल्कि राजनीति में परस्पर धुर विरोधी नेताओं को एक टेबल पर बिठाने की भी क्षमता रखते हैं नवीन पटनायक। ऐसे में आज उनके 76वें जन्मदिन के अवसर पर न सिर्फ प्रदेश के लोग एवं नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामना दी है बल्कि खुद्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल, केन्द्र मंत्री अश्विनी वैष्णव से लेकर विभिन्न प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने उनके दीर्घायु की कामनाकी हैं।

जारी है अपराजेय पारी

सन् 1997 में आसिका लोकसभा सीट पर हुए उप चुनाव से लेकर 2019 लोगसभा चुनाव तक, उनकी अपराजेय पारी जारी है। बीजू पटनायक के आदर्श को लेकर वह राजनीति में प्रवेश किए। बीजू पटनायक के प्रति ओडिशावासियों के प्रेम एवं आदर का सम्मान करते हुए नवीन ने 1997 में जनता दल के उम्मीदवार के तौर पर आसिका लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और विजय हासिल की। 26 दिसम्बर 1997 में उन्होंने बीजू समर्थित नेताओं को लेकर बीजू जनता दल का गठन किया। 1998 एवं 1999 में बीजद से दो-दो बार लोकसभा चुनाव जीतकर केन्द्र मंत्री बने। 1999 में चक्रवात आने के बाद उपजी स्थिति का मुकाबला करने में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की विफलता के बाद ओडिशा के लोगों का कांग्रेस से मोह भंग कर बीजू पटनयाक के उत्तराधिकारी नवीन पटनयाक पर भरोसा जताया। इसके बाद नवीन ने सन् 2000 में ओडिशा की कमान सम्भाल लिया और तभी से ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त, स्वच्छ एवं लोकाभिमुखी शासन देते आ रहे हैं।

भ्रष्टाचार का आरोप लगते ही करते हैं कार्रवाई

नवीन पटनायक के शासन की सबसे बड़ी खासियत है कि भ्रष्टाचार का आरोप लगते ही कार्रवाई करना। इसमें चाहे कितना भी बड़ा नेता, मंत्री हो या फिर प्रशासनिक अधिकारी। किसी को मंत्री पद गंवानी पड़ी तो किसी को पार्टी से विदा कर दिया तो किसी को जबरन रिटायरमेंट का लेटर पकड़ा दिया। यही कारण है कि नवीन के 21 साल के शासन में 40 से अधिक नेता, मंत्री की बलि चढ़ चुकी है। भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। यही कारण है कि एक दो बार नहीं बल्कि लगातार 5 बार प्रदेश की जनता उनके हाथ में मुख्यमंत्री की बागडोर दी है।

नवीन की लोकप्रियता

सन् 2000 से 2009 तक भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार चलाने के बाद 2009 के बाद से अकेले बीजद राज्य के विकास का दायित्व सम्भाला है। नवीन की लोकप्रियता एवं लोगों में उनकी स्वीकारिता प्रत्येक चुनाव में निखरकर सामने आती है। 2000 से 2000 में गठबन्धन सरकार में बीजद को 84 सीट पर प्रतिद्वंदिता करने का अवसर मिला, जिसमें बीजद को 27 से 29 प्रतिशत वोट मिला। 2009 में भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद उनकी पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरी और तमाम राजनीतिक पंडितों का आकलन गलत साबित करते हुए पार्टी के वोट शेयर को 38.86 प्रतिशत तक पहुंचा दिया और अकेले उनकी पार्टी ने 103 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। 2014 आम चुनाव में बीजद का वोट प्रतिशत 43.4 हुआ और 2019 में 44.71 प्रतिशत तक बढ़ गया।

किसानों की आय बढ़ी है, रोजगार बढ़ा

आत्मनिर्भर, औद्योगिक संपदा, आर्थिक स्वच्छ ओडिशा जो प्रदेश मे कभी सपने की तरह लगता था, उसे आज हकीकत में करके दिखा दिया है। लोगों को किसी के पास हाथ नहीं फैलाना पड़ता है। किसानों की आय बढ़ी है, रोजगार बढ़ा है, प्रदेश में औद्योगिकीकरण होने से लोगों को नियुक्ति मिली है। सड़क से लेकर खेल के क्षेत्र तक हर क्षेत्र में विश्वस्तरीय आधारभूमि तैयार करने का काम नवीन ने किया है। यही कारण है कि ओडिशा आज खाद्यान सम्पन्न राज्य है। केवल राजनीति ही नहीं, राज्य एवं राज्य वासियों के हित के लिए नवीन की एकमात्र नीति है। राजनीति में कदम रखने के दिन से ही फ्रंटफुट के इस खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा को प्रमाणित किया है। विकास के साथ राजनीति को नई दिशा दी है। देश में नवीन ही एक ऐसे नेता है, जिसने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के आरोप प्रत्यारोप का जवाब देने के बदले अपनी विकास की नीति को महत्व देते हैं और यही कारण है कि उनके सामने विरोधियों की सभी चाल फेल हो जाती है।

राष्ट्रपति चुनाव से लेकर राज्यसभा चुनाव तक नवीन के अप्रत्याशित गेम को समझना सभी के लिए कठिन होता है। एक राज्यसभा सीट बीजद को देने एवं बाद में चार राज्यसभा सीट दखल कर लेने की कला नवीन के पास है। उसी तरह से नवीन की डाइनिंग टेबल रणनीति भी न्यारी है। परस्पर विरोधी विचारधारा रखने वाले नेताओं को एक टेबल पर एक साथ बैठाकर भोजन कराने की क्षमता भी नवीन के ही पास है।

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