DRDO की खुफिया जानकारी लीक होने का मामला : एनआईए नहीं क्राइमब्रांच ही कर रही है जांच

डीआरडीओ की खुफिया जानकारी लीक मामले में एनआईए नहीं बल्कि केवल क्राइमब्रांच मामले की जांच कर रही है। क्राइमब्रांच एडीजी संजीव पंडा कहा एनआईए यदि चाहेगी तो पूछताछ कर सकती है। बालेश्वर एसडीजेएम कोर्ट ने सात दिन रिमांड पर लेने की अनुमति दी है।

Babita KashyapSat, 18 Sep 2021 03:05 PM (IST)
डीआरडीओ मामले की जांच एनआईए नहीं क्राइमब्रांच कर रही है

भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। बालेश्वर स्थित डीआरडीओ की खुफिया जानकारी लीक मामले की जांच एनआईए नहीं बल्कि केवल क्राइमब्रांच ही कर रही है। क्राइमब्रांच को कोर्ट से इन अभियुक्तों की सात दिन रिमांड की अनुमति मिली है। इन सात दिनों में क्राइमब्रांच की टीम इन आरोपियों से सच्चाई उगलवाने के लिए हर पहलू पर जांच करेगी। कटक लाकर इनसे पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच एनआईए नहीं बल्कि क्राइमब्रांच ही कर रही है। एनआईए यदि चाहेगी तो फिर इन अभियुक्तों से पूछतछा कर सकती है। यह जानकारी क्राइमब्रांच के एडीजी संजीव पंडा ने दी है।

क्राइमब्रांच के एडीजी संजीव पंडा ने कहा है कि हनीट्रैप करने वाली महिला कौन है, वह भारत की है या पाकिस्तान की। अभियुक्तों के साथ उसका कब से संपर्क था, अभियुक्तों ने उसे गुप्त तथ्य देकर कितने रुपये पाए थे एवं उनके खाते में कितना रुपया आया है, अभियुक्तों ने उसे क्या क्या तथ्य दिया है, वीडियोग्राफी, फोटो एवं दस्तावेज आकार में कुछ तथ्य दिए हैं या नहीं, अभियुक्त के साथ और किसी का संपर्क है या नहीं, अभियुक्त किसे फोन करते थे, ऐसे अनेकों सवाल को लेकर डीआरडीओ से तथ्य लीक करने के आरोप में गिरफ्तार होने वाले पांचों अभियुक्तों से पूछताछ करने को क्राइमब्रांच तैयार है। इसके लिए इन अभियुक्तों को 7 दिन की रिमांड पर लेने की अनुमति बालेश्वर एसडीजेएम कोर्ट ने क्राइमब्रांच को दी है। क्राइमब्रांच की टीम इन अभियुक्तों को कटक लाकर पूछताछ करेगी।

एडीजी पंडा ने कहा है कि देशद्रोह के आरोपी किस प्रकार से एवं किसे यहां का तथ्य लीक करे थे, उस संबन्ध में क्राइमब्रांच की टीम इनसे पूछताछ करेगी। उसी तरह से अभियुक्त आर्थिक दृष्टिकोण से कितना लाभ लिए हैं एवं इनके साथ और किसका लिंक है, उस संदर्भ में भी जांच की जाएगी। क्राइमब्रांच के एडीजी ने कहा है कि अभियुक्त के साथ और किसके संपर्क हैं, अभियुक्त किसे फोन कर रहे थे, इनके पास अन्तराष्ट्रीय स्तर से फोन आ रहा था या नहीं, हनीट्राप करने वाली महिला इनके संपर्क में कैसे आयी, हनीट्राफ महिला का विदेशी संस्था के साथ लिंक है या नहीं, वह पाकिस्तान की खुफिया संस्था आईएसआई के साथ काम कर रही थी या नहीं, इन तमाम सवालों का जवाब क्राइमब्रांच इनसे उगलवाएगी।

इस मामले में एनआईए नहीं, बल्कि केवल क्राइमब्रांच ही जांच कर रही है। एडीजी ने कहा है कि एनआईए यदि चाहेगी तो अभियुक्तों से पूछताछ कर सकेगी। डीआरडीओ की सूचना लीक करने के आरोप में पुलिस ने एसी आपरेटर बसंत बेहेरा एवं शेख मुशाफिर, मेन गेटकीपर तापस रंजन नायक, डीजी आपरेटर हेमंत कुमार मिस्त्री तथा सात साल से ड्राइवर के तौर पर काम करने वाले सचिन कुमार उर्फ छता को गिरफ्तार किया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.