Odisha: 19 घंटे के सर्च आपरेशन के बाद मिला नाले में बह गए 15 वर्षीय छात्र का शव

खोजबीन के लिए दमकल विभाग की 6 सदस्यीय टीम का किया गया था गठन स्थानीय लोगों की मदद से दमकल टीम ने तीन किमी. दूर बह गए शव को नाले के किनारे से उद्धार किया। भारी बारिश के बाद ट्यूशन पढ़ने जा रहा छात्र नाले में बह गया था।

Babita KashyapMon, 20 Sep 2021 10:39 AM (IST)
भुवनेश्वर में मूसलाधार बारिश के बाद नाले में बह गए छात्र ज्योति प्रकाश बेहेरा का शव बरामद

 भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। राजधानी भुवनेश्वर में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद नाले में बह गए छात्र ज्योति प्रकाश बेहेरा के शव को सोमवार सुबह दमकल विभाग की टीम ने उद्धार किया है। 19 घंटे के सर्च आपरेशन के बाद सोमवार सुबह के समय घटना स्थल से तीन किमी. दूर पंचसखा नगर नाले के किनारे से शव को दमकल विभाग की टीम ने उद्धार किया है। छात्र को खोजने के लिए दमकल विभाग की 6 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम ने रविवार दिन तमाम एवं देर रात तक खोजबीन किया मगर कोई लाभ नहीं हुआ था। आज सुबह पुन: दमकल टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को खोजने की प्रक्रिया शुरू की और पंचसखा नगर नाले के पास से शव को उद्धार किया।

जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वर शिरिपुर शताब्दीनगर बैंक कालोनी में रहने वाला 10वीं कक्षा का छात्र ज्योति प्रकाश बेहेरा रविवार को शताब्दीनगर में ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। शताब्दीनगर में बारिश का पानी जमा था ऐसे में छात्र की साइकिल पानी में गिर जाने से नाले के बहाव में छात्र बह गया। यहां उल्लेखनीय है कि रविवार अपराह्न के समय भुवनेश्वर में भारी बारिश हुई थी, जिससे नाले एवं सड़कें बारिश के पानी से लबालब हो गई थी। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की 6 सदस्यीय टीम ने नाले की ओर जाने वाले रास्ते में खोजबीन शुरू की। हालांकि रविवार देर रात तक कहीं भी छात्र का पता नहीं चला। रात हो जाने से सर्च आपरेशन बंद कर दिया गया था। सोमवार सुबह पुन: स्थानीय लोगों की मदद से सर्च आपरेशन शुरू किया गया। काफी खोजबीन के बाद आज पूर्वाह्न में पंचसखा नगर नाले के किनारे से शव को उद्धार किया गया है। शव को उद्धार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कैपिटल अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया है।

यहां उल्लेखनीय है कि मुकुला ड्रेन के कारण 2019 में नयापल्ली थाना क्षेत्र के सालियासाही एकाम्रभिला चौक में इसी तरह की एक घटना हुई थी। भारी बारिश के कारण मुकुला ड्रेन एक बुजुर्ग व्यक्ति बह गया था और मृत्यु हो गई थी। बीएमसी की लापरवाही के कारण उस समय यह दुर्घटना होने का आरोप बुजुर्ग व्यक्ति के परिवार वालों ने लगाया था। यहां उल्लेखनीय है कि ड्रेनों पर स्लाव डालना सुप्रीमकोर्ट की सख्त हिदायत है। किसी भी परिस्थिति में नाले को खुला नहीं रखा जा सकता है। बावजूद इसके राजधानी भुवनेश्वर में सुप्रीमकोर्ट के इस दिशा निर्देश का बीएमसी खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रही है। स्मार्टसिटी में बारंबरा इस तरह की दुर्घटना हो रही है और एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही सामने आयी है। 2018 में मुख्यमंत्री नवीन ने बीएमसी को ड्रेनेज समस्या का समाधान करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये प्रदान किया था। समस्या का समाधान करना तो दूर की बात है नालों को अभी तक ढका नहीं गया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.