अमेरिकी राजदूत केन जस्टर बोले- वैश्विक मंच पर भारत के उदय के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध

अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने भारत और अमेरिकी नीति पर की बात

केन जस्टर ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और लोकतांत्रिक सुशासन की आवश्यकता है। इसीलिए भारत बेहद अहम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में द्विपक्षीय संबंध कहीं भी इतने व्यापक और तत्व से भरे नहीं हैं जितने भारत और अमेरिका के हैं।

Publish Date:Tue, 05 Jan 2021 07:42 PM (IST) Author: Dhyanendra Singh Chauhan

नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत से जा रहे अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने हिंद महासागर-प्रशांत क्षेत्र में दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़े तो हद बताने वाली लाल रेखा भी तय की जानी चाहिए। ऐसे ही प्रयासों से इस क्षेत्र के देश समृद्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार बढ़ते हुए भारत का वैश्विक मंच पर समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत-अमेरिकी साझेदारी पर रोशनी डालते हुए मंगलवार को अपने विदाई समारोह में जस्टर ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र खासतौर पर भारत और अमेरिकी संबंधों के लिए बेहद अहम है। चूंकि इस हकीकत को मान्यता मिलती है कि भारत और हिंद महासागर पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र को जोड़े हुए हैं।

केन जस्टर की 3 नवंबर, 2017 को हुई थी भारत में तैनाती

उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और लोकतांत्रिक सुशासन की आवश्यकता है। इसीलिए भारत बेहद अहम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में द्विपक्षीय संबंध कहीं भी इतने व्यापक और तत्व से भरे नहीं हैं, जितने भारत और अमेरिका के हैं। ध्यान रहे कि जस्टर की नई दिल्ली में तैनाती 3 नवंबर, 2017 को हुई थी। तब वह भारत में अमेरिका के 25वें राजदूत बने थे।

उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास का अहम जरिया बनने वाली है। अमेरिका भारत को अपने अहम साझीदार के रूप में संरक्षित करना चाहता है। इससे हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि बढ़ेगी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.