सतर्क रहें राज्य, नहीं तो बढ़ेगा संक्रमण, लॉकडाउन में छूट से बाजारों में भीड़ पर केंद्र की चेतावनी

महामारी की रोकथाम के लिए लगाई गई पाबंदियों में ढील दिए जाने से कुछ राज्यों में बाजार में भीड़ और कोरोना से बचाव के नियमों के उल्लंघन पर चिंता जताते हुए केंद्र ने कहा है कि सावधानी नहीं बरतने पर संक्रमण बढ़ेगा।

Krishna Bihari SinghSat, 19 Jun 2021 09:34 PM (IST)
संक्रमण दर में गिरावट के साथ लाकडाउन में छूट दे रहे राज्यों को केंद्र सरकार ने सावधान किया है।

नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर के कहर में नरमी और संक्रमण दर में गिरावट के साथ लाकडाउन में छूट दे रहे राज्यों को केंद्र सरकार ने सावधान किया है। पाबंदियों में ढील के दौरान कुछ राज्यों में बाजार में भीड़ और कोरोना से बचाव के नियमों के उल्लंघन पर चिंता जताते हुए केंद्र ने कहा है कि सावधानी नहीं बरतने पर संक्रमण बढ़ेगा। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्यों को पत्र लिखकर भीड़ पर नियंत्रण करने के साथ ही कोरोना से बचाव के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।

संक्रमण दर पर रखी जाए नजर

भल्ला ने कहा है कि कम होते मामलों के बावजूद कोरोना का संक्रमण अब भी बरकरार है और ऐसे में बेहद सावधान रहने की जरूरत बनी हुई है। उन्होंने राज्यों को निचले स्तर पर कोरोना के मामलों और संक्रमण दर पर नजर रखने के लिए ठोस प्रणाली तैयार करने को कहा है, ताकि जानकारी मिलते ही संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुपालन को जरूरी बताया है।

पांच सूत्रीय रणनीति पर जोर

1- सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने और दो गज की दूरी का पालन सुनिश्चित हो

2- संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कोरोना टेस्ट में तेजी लाई जाए

3- संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने वाले लोगों की त्वरित पहचान हो

4- संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था हो, और

5- संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए

छूट देने में हड़बड़ी नहीं करने के निर्देश

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों को लाकडाउन से छूट देने में हड़बड़ी नहीं करने और स्थिति की पूरी समीक्षा के बाद ही कदम उठाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केस कम हो रहे हैं, ऐसे में लाकडाउन को खत्म करना भी जरूरी है, लेकिन यह धीरे-धीरे सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। जल्दबाजी में छूट देने से संक्रमण के नए सिरे से तेज होने का खतरा हो सकता है।

जांच की रफ्तार नहीं हो कम

भल्ला ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण के मामलों में कमी का बावजूद कोरोना जांच की रफ्तार में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। मई में प्रतिदिन औसतन 21 लाख से ज्यादा जांच हो रही थी, जो धीरे-धीरे कम हो कर 19 लाख से नीचे आ गई है। उन्होंने कहा है कि जांच में कमी से संक्रमण में वृद्धि का खतरा बढ़ जाएगा।

पांच रणनीति पर फोकस

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों को एक बार फिर कोरोना से लड़ने के लिए पांच रणनीति पर कड़ाई से पालन से करने को कहा। पांच रणनीति में कोरोना से बचाव के नियमों का पालन, टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट और टीकाकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लाकडाउन में छूट मिलते ही कुछ राज्यों में बाजार में भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिसमें लोग मास्क भी नहीं लगा रहे हैं और समुचित दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। राज्य कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार का पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएं।

टीका ही बचाव का अहम हथियार

अजय भल्ला के अनुसार मौजूदा समय में वैक्सीन ही कोरोना की कड़ी तोड़ने के लिए सबसे अहम हथियार है, इसीलिए राज्यों को टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए। जून में प्रतिदिन औसतन 30 लाख से अधिक डोज लगाई जा रही हैं। लेकिन 21 जून को शुरू होने जा रहे टीकाकरण के चौथे चरण में इसकी रफ्तार और भी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं कोरोना के संक्रमण कम होने के कारण लोगों में वैक्सीन के प्रति उदासीनता बढ़ने की भी खबरें आ रही हैं। जाहिर है टीकाकरण बढ़ाने के लिए राज्यों को विशेष प्रयास करना होगा। 

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