पत्नी ने मांगा मां बनने का हक, पति ने मांग लिया भरण-पोषण भत्ता, जानें- क्या है मामला

भोपाल के कुटुंब न्यायालय में पहुंचा अनोखा मामला फाइल फोटो
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 06:36 PM (IST) Author: Sanjeev Tiwari

भोपाल, जेएनएन। पत्नियों द्वारा पति से भरण-पोषण के लिए रुपये मांगने के कई मामले देखे- सुने गए हैं, लेकिन भोपाल के कुटुम्ब न्यायालय में एक ऐसा अनूठा मामला पहुंचा है, जिसमें पति ने अधिकारी पत्नी से जीवन-यापन करने के लिए भरण-पोषण की राशि मांगी है। फेसबुक के माध्यम से प्यार होने के बाद छह साल पहले दोनों विवाह बंधन में बंधे थे। पत्नी सरकारी अधिकारी है तो पति निजी कंपनी में नौकरी करता था। शादी के कुछ दिन बाद ही पति ने नौकरी छोड़ दी। कुछ दिनों बाद जब पत्नी को लगा कि पति उसकी कमाई की अहमियत नहीं समझ रहा है तो उसने एटीएम ब्लॉक करा दिया। इस बीच पत्नी ने मां बनने की इच्छा जताई तो पति ने सहयोग नहीं किया। विवाद बढ़ा तो पति ने कुटुम्ब न्यायालय में केस कर दिया।

दरअसल, छोटा- मोटा विवाद एटीएम ब्लॉक करने और पत्नी की बात न मानने की वजह से बड़ा हो गया। शादी के छह साल बीतने के बाद भी पत्नी मां नहीं बन पाई। पति की बेरुखी इस मसले पर जारी थी। इसी बीच डॉक्टरों ने महिला को सलाह दी कि उसकी उम्र 40 साल हो चुकी है इसलिए परिवार बढ़ाने के बारे में जल्दी निर्णय लेना होगा। पति जब इसके लिए तैयार नहीं हुआ तो उसने आइवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) तकनीक से मां बनने पर विचार किया, लेकिन इसके लिए भी पति का सहमति पत्र मांगा गया। पत्नी के मुताबिक पति ने इसके लिए भी इन्कार कर दिया। उसने धमकी दी कि मैंने तुमसे पैसों के लिए शादी की थी, इसलिए मैं तुम्हें कभी मां बनने का सुख नहीं लेने दूंगा। परेशान पत्नी ने कुटुम्ब न्यायालय का शरण ली। इस पर पति ने भी भरण-पोषण भत्ता का केस लगा दिया। पति ने पत्नी से यह भी कहा कि अब तुम्हारे तीन-चार साल कोर्ट- कचहरी में निकल जाएंगे और तुम्हारी मां बनने की उम्र निकल जाएगी। दोनों की काउंसिलिंग जारी है।

पत्नी ने कहा- मां बनना उसका अधिकार है

काउंसिलिंग में पत्नी ने कहा कि उसे डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि अब उसके पास मां बनने के लिए एक-दो साल का ही समय है, लेकिन पति जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। ऐसे में वह मानसिक रूप से परेशान है।

सक्षम नहीं है तो पति मांग सकता है भरण-पोषण

विधि विशेषज्ञों का मानना है कि पति भी पत्नी से भरण-पोषण मांग सकता है। हालांकि इसके लिए उसे यह सुबूत पेश करना होगा कि वह कमाने में सक्षम नहीं है।

 पति ने जताई असमर्थता

पति का कहना है कि अगर मैं नौकरी करता और पत्नी भरण-पोषण भत्ता मांगती तो मुझे देना पड़ता तो फिर पत्नी भी मुझे दे सकती है। उसने कहा पत्नी अधिकारी है तो वह मुझे कुछ समझती ही नहीं है। मेरा सम्मान नहीं करती, इस कारण मैं परिवार को आगे बढ़ाना नहीं चाहता।

पति भी पत्नी से मांग सकता है भरण-पोषण 

अगर पत्नी मां बनना चाहती है तो यह पति का दायित्व है कि वह उसकी इच्छा की पूर्ति करे। अगर पति ऐसा नहीं करता तो यह मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। पत्नी के लिए यह तलाक का आधार बन सकता है। साथ ही पति भी भरण-पोषण पत्नी से मांग सकता है।

रेणू शर्मा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश

पति को बताना होगा कि वह अपना पालन-पोषण करने में अक्षम 

- हमारे पास ऐसा मामला पहली बार आया है, जिसमें पति ने भरण-पोषण भत्ता मांगा है। दोनों की काउंसिलिंग की गई है। दोनों को एक बार फिर बुलाया गया है। पति को बताना होगा कि वह अपना पालन-पोषण करने में अक्षम है।

सरिता राजानी, काउंसलर, कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल

 

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