त्रिपुरा पुलिस पत्रकारों- वकीलों के खिलाफ लगे UAPA मामलों की करेगी समीक्षा, जानें फेक फोटो और वीड‍ियो का क्‍या है पाक कनेक्‍शन

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शनिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीएस यादव इस साल अक्टूबर महीने में राज्य में कुछ सांप्रदायिक घटनाओं के बाद पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ दर्ज यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के मामलों की समीक्षा करेंगे

Arun Kumar SinghSat, 27 Nov 2021 07:31 PM (IST)
पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ दर्ज यूएपीए के मामलों को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब

अगरतला, एजेंसी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शनिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीएस यादव इस साल अक्टूबर महीने में राज्य में कुछ सांप्रदायिक घटनाओं के बाद पत्रकारों और वकीलों के खिलाफ दर्ज यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के मामलों की समीक्षा करेंगे। त्रिपुरा गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि डीजीपी, मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए अपराध शाखा के एडीजीपी पुनीत रस्तोगी से मामलों की समीक्षा करने को कहा है।

त्रिपुरा में मस्जिदों को जलाने की फर्जी तस्वीरें और सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर पिछले महीने और इस महीने की शुरुआत में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की गई थी। इसे नियंत्रित करने और शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए, त्रिपुरा पुलिस ने 102 लोगों के खिलाफ यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इन लोगों में ज्यादातर राज्य के बाहर के पत्रकार और वकील शामिल हैं।

त्रिपुरा डीजीपी ने कहा

त्रिपुरा डीजीपी वीएस यादव ने कहा क‍ि हमने 102 सोशल मीडिया पोस्ट को शामिल किया था। इसका मतलब यह नहीं है कि वे सभी पर यूएपीए लगाया जाएग। यह केवल सबूत होने पर ही लगाया जाएगा। मैं व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी कर रहा हूं। इन पदों पर यूएपीए के तहत कार्रवाई तभी की जाएगी, जब उनके पास सबूत होंगे।

उन्‍होंने कहा क‍ि बांग्लादेश में हिंसक घटनाओं के बाद त्रिपुरा में कुछ घटनाएं हुईं। यहां स्थिति सामान्य थी लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी वीडियो और तस्वीरों की मदद से संदेश फैलाया जा रहा था कि त्रिपुरा में मस्जिदों में आग लगा दी गई और लोग मारे गए। यह झूठ था।

उन्‍होंने कहा क‍ि जो फोटो और वीडियो जो वायरल हो रहे थे वो प्रतिबंधित संगठन से है जिसका संबंध पाकिस्तान से है इसलिए इस मामले में उचित कार्रवाई करने के लिए UAPA की धारा लगाई गई है। सीएम ने निर्देश दिया है कि पश्चिम अगरतला थाने में दर्ज ऐसे मामलों पर UAPA प्रावधानों की समीक्षा की जाए।

सोशल मीड‍िया पर किए गए विभिन्न फर्जी और भड़काऊ पोस्ट

त्रिपुरा पुलिस ने पहले फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब से उन सौ से अधिक एकाउंट का विवरण प्रदान करने के लिए कहा था, जिनसे अक्टूबर में बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा के बाद राज्य में कुछ कथित घटनाओं के संबंध में विभिन्न फर्जी और भड़काऊ पोस्ट किए गए थे।

बांग्‍लादेश में सांप्रदायिक घटनाओं के बाद अखिल भारतीय इमाम परिषद और विश्व हिंदू परिषद सहित 50 से अधिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा करते हुए त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में रैलियां आयोजित की थीं। अल्पसंख्यकों से जुड़ी घटनाओं में उत्तरी त्रिपुरा जिला अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर पानीसागर और धर्मनगर उप-मंडलों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी।

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