जानिए कोरोना की दूसरी लहर के बीच कितनी खतरनाक हो सकती हैं यात्राएं, क्या कहता है यह सर्वे

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच लोग कर रहे हैं यात्राएं

देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है और संक्रमितों के दैनिक आंकड़े 1.70 लाख के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में गर्मी के दिनों में प्रस्तावित यात्राएं कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती हैं। इस मुद्दे पर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल ने एक सर्वे किया।

Dhyanendra Singh ChauhanMon, 12 Apr 2021 06:22 PM (IST)

नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। गर्मी के दिनों में स्कूल व कॉलेजों की छुट्टियां होती हैं। देश के कई हिस्सों में वैवाहिक कार्यक्रम भी ज्यादा होते हैं। लोग पर्वतीय और ठंडे प्रदेशों की यात्राएं करते हैं। पर्यटन स्थलों में वक्त बिताते हैं। ज्यादातर यात्राएं नियोजित होती हैं और लोग पहले ही टिकट आदि का इंतजाम कर लेते हैं। वहीं इन दिनों देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है और संक्रमितों के दैनिक आंकड़े 1.70 लाख के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में गर्मी के दिनों में प्रस्तावित यात्राएं कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती हैं। इस मुद्दे पर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल ने एक सर्वे किया। 50 फीसद लोगों ने गर्मी के दिनों की यात्राओं को पूर्व नियोजित बताया। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग यात्राएं स्थगित कर कर सकते हैं, लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जिसके सामने रिफंड की समस्या है। ऐसे लोगों ने सरकार से दखल की मांग की है, ताकि टिकट, होटल व अन्य सेवाओं की बुकिंग रद करने पर उन्हें पैसे वापस मिल सकें।

गर्मी के दिनों (अप्रैल से जून) में आपने किस प्रकार की यात्राओं की योजना की है?

17 फीसद, पर्यटन स्थलों की

24 फीसद, परिवार और दोस्तों से मिलने की

09 फीसद, पर्यटन स्थल व स्वजन से मिलने की

45 फीसद, यात्राएं नहीं करूंगा, घर पर ही रहूंगा

05 फीसद, कह नहीं सकते

क्या आपने गर्मी के दिनों (अप्रैल से जून) में यात्राओं की बुकिंग की है?

25 फीसद, हां, पहले ही बुक कर चुका हूं

12 फीसद, अभी बुकिंग नहीं की है, लेकिन जल्द ही करूंगा

25 फीसद, अंतिम क्षणों में फैसला लेंगे, अभी बुकिंग की जरूरत नहीं है

38 फीसद, बुकिंग की योजना की थी, लेकिन फिलहाल स्थगित कर दी है

यात्राओं का माध्यम क्या होगा?

30 फीसद, फ्लाइट

04 फीसद, ट्रेन

24 फीसद, कार/टैक्सी/बस

04 फीसद, फ्लाइट व ट्रेन

20 फीसद, फ्लाइट व कार/टैक्सी/बस

05 फीसद, ट्रेन व कार/टैक्सी/बस

13 फीसद, कह नहीं सकते

यात्रा माध्यमों में किया बदलाव

फरवरी में किए गए सर्वे के दौरान 60 फीसद लोगों ने अप्रैल से जून तक विभिन्न प्रकार की यात्राओं के नियोजन की बात कही थी। कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद इसमें मामूली गिरावट आई है। अब 50 फीसद लोगों ने इस अवधि में यात्राओं की योजना की बात कही है। हालांकि, लोगों ने यात्रा माध्यमों में बदलाव किए हैं। फरवरी में 23 फीसद लोगों ने हवाई यात्रा को वरीयता देने की बात कही थी और मार्च में इनकी भागीदारी 30 फीसद हो गई। इसी प्रकार 13 फीसद लोगों ने ट्रेन यात्रा की बात कही थी जो मार्च में सिर्फ चार फीसद रह गई। 18 फीसद ने बस, टैक्सी व कार से यात्रा की बात कही थी। मार्च में 24 फीसद ने बस, टैक्सी व कार से यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही है।

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