वैक्सीन की आलोचना करने वालों पर भड़के शाह, कहा- लोगों के स्वास्थ्य पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

अमित शाह ने कहा कि दोनों वैक्सीन की कारगरता पर संदेह न करें।

कोरोना की भारतीय वैक्सीन की कारगरता को लेकर आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। आयुष्मान सीएपीएफ योजना के तहत कार्मिकों को अब 50 लाख के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 10:36 PM (IST) Author: Bhupendra Singh

गुवाहाटी, एजेंसी। कोरोना की भारतीय वैक्सीन की कारगरता को लेकर आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कार्मिकों के लिए एक स्वास्थ्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत में निर्मित दोनों वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। कुछ लोग वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां फैलाने का काम कर रहे हैं।

अमित शाह ने कहा- दोनों वैक्सीन की कारगरता पर संदेह न करें 

उन्होंने ऐसे लोगों को जनता की सेहत से खिलवाड़ बंद कर दूसरे मंच पर मुकाबला करने को ललकारा है। उन्होंने लोगों से कहा कि इन दोनों वैक्सीन की कारगरता पर संदेह न करें। जब आपकी बारी आए आप लोग वैक्सीन लगवाने जरूर जाएं। हम लोग दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहे हैं।

शाह ने कहा- केंद्रीय पुलिस बलों के कार्मिकों के समक्ष तीन बड़ी समस्याएं होंगी दूर

इस मौके पर शाह ने सात केंद्रीय पुलिस बलों के कार्मिकों को आयुष्मान सीएपीएफ कार्ड भी बांटे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पुलिस बलों के कार्मिकों के समक्ष तीन समस्याएं सबसे बड़ी हैं। उन्हें व्यापक स्वास्थ्य बीमा सुविधा नहीं मिलती, आवास की सुविधा भी संतोषजनक नहीं है और समय से नई नियुक्तियां न होने से उन्हें लंबी ड्यूटी करनी पड़ती है। केंद्र सरकार उनकी इन समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयासरत है। शनिवार से शुरू होने वाली आयुष्मान सीएपीएफ योजना के तहत उन्हें अब 50 लाख के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी।

पूर्वोत्तर में बड़ा पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता : शाह

पूर्वोत्तर में विकास और खुशहाली लाने के साथ उसे विश्व पटल पर बढ़ावा देने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। यह बात शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर परिषद के 69वें पूर्ण अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि चाहे नैसर्गिक सौंदर्य की बात हो या सांस्कृतिक विरासत की, यह क्षेत्र पर्यटन का बड़ा केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर के विकास से ही भारत का विकास होगा। दशकों तक उपेक्षित रहे इस क्षेत्र में मोदी के कार्यकाल में शांति स्थापित हो सकी और विकास को गति मिली। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विकास परियोजनाएं लाने और लोगों को रोजगार मुहैया कराने में पूर्वोत्तर परिषद का बड़ा योगदान है।

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