बेशर्म पाकिस्‍तान! FATF की बैठक के बीच शाह महमूद कुरैशी ने लगाया भारत पर बेबुनियाद आरोप

एक तरफ जहां एफएटीएफ की पूर्ण बैठक पेरिस में चल रही है वहींं वहीं पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाकर इसको नई शक्‍ल देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि भारत इस मंच का राजनीतिकरण करने की कोशिश में है।

Kamal VermaThu, 24 Jun 2021 08:13 AM (IST)
शाह महमूद कुरैशी ने भारत के सिर फोड़ा ठीकरा

नई दिल्ली (एएफपी)। पाकिस्‍तान के भविष्‍य को लेकर एफएटीएफ की पूर्ण बैठक पेरिस में चल रही है। पांच दिवसीय इस बैठक में पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में बनाए रखने या फिर उसको इससे बाहर निकालने पर फैसला लिया जाना है। पांच दिवसीय बैठक के बाद 25 जून को इसके नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे जिसमें पाकिस्‍तान को लेकर घोषणा की जाएगी। लेकिन इसी बीच पाकिस्‍तान ने अपनी करतूतों को छिपाने की कोशिश के तहत एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट में बने रहने का ठीकरा कहीं न कहीं भारत के सिर फोड़ने की कोशिश की है।

अपनी आदत से बाज न आते हुए पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रेडियो पाकिस्‍तान के साथ हुई बातचीत के दौरान भारत पर एफएटीएफ के अंतरराष्‍ट्रीय मंच का राजनीतिकरण करने का बेबूनियाद आरोप लगाया है। हालांकि, उन्‍होंने रेडियो पाकिस्‍तान द्वारा पूछे गए उस सवाल पर गोल-मोल जवाब दिया जिसमें उनसे पाकिस्‍तान के एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट में बने रहने की वजह पूछी गई थी। कुरैशी ने इसके जवाब में केवल इतना ही कहा कि पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में रखने का कोई मतलब नहीं है।

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्‍तान ने एफएटीएफ के बताए 27 तकनीकी बिंदुओं में 26 को पूरा कर लिया है। ऐसी सूरत में पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में बनाए रखने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। उन्‍होंने ये भी कहा कि भारत को अब अपने फायदे के लिए इस मंच का राजनीतिकरण नहीं करने दिया जाएगा। उनके मुताबिक पाकिस्‍तान ने आंतकवाद को मिलने वाली मदद पर सख्‍ती से लगाम लगाई है।

पाकिस्‍तान के अखबार डॉन ने लिखा है कि एफएटीएफ के अध्‍यक्ष डॉक्‍टर मार्कस प्‍लेयर के पूर्व बयान का जिक्र करते हुए लिखा है कि ये खुशी की बात है कि लंबे समय से ग्रे लिस्‍ट में शामिल पाकिस्‍तान ने एफएटीएफ के तय बिंदुओं में कई को पूरा करने की तरफ कदम बढ़ाया है। इसके बावजूद भी कुछ बिंदु छूट गए हैं जिनको पूरा करना जरूरी है। इन बिंदुओं को पूरा करने की समय सीमा जून 2021 तक है। उन्‍होंने ये बयान उस सवाल के जवाब में दिया था जो पाकिस्‍तान के भविष्‍य को लेकर किया गया था।

गौरतलब है कि हाल ही में हुई एशिया पेसेफिक ग्रुप की बैठक में पाकिस्‍तान ने जो दस्‍तावेज सौंपे थे उसके आधार पर पाकिस्‍तान की म्‍यूचअल इवेल्‍यूशन रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके आधार पर पाकिस्‍तान को रेटिंग दी गई थी। इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले ग्रुप में भारत भी शामिल था। इस रिपोर्ट के आधार पर एफएटीएफ की ताजा बैठक में पाकिस्‍तान के भविष्‍य का फैसला होगा।

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