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भारतीय सेना ने तीन वीर जवानों को शौर्य चक्र से किया सम्मानित, जम्मू और कश्मीर में लहराया था वीरता का परचम

भारतीय सेना ने तीन वीर जवानों को शौर्य चक्र से किया सम्मानित, जम्मू और कश्मीर में लहराया था वीरता का परचम
Publish Date:Fri, 14 Aug 2020 06:06 PM (IST) Author: Dhyanendra Singh

नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय सेना ने बहादुरी का परचम दिखाने वाले तीन वीर जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया है। सेना ने आज इन नामों की घोषणा की है। सेना की ओर से बताया गया कि हवलदार आलोक कुमार दुबे, मेजर अनिल उर्स और लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को जम्मू और कश्मीर में विभिन्न अभियानों में वीरता के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। 

हवलदार आलोक दुबे की बहादुरी की कहानी बताते हुए भारतीय सेना ने कहा कि 22 जून 2019 को उन्होंने कई लोगों को बचाया था। 22 जून को जब खबर मिली कि आंतकियों ने जम्मू-कश्मीर के एक गांव के पास जंगलों में घुसपैठ की है। हवलदार आलोक दुबे को वहां पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वो वहां जाकर आतंकियों की घेराबंदी की थी।

सुबह के पांच बजकर 40 मिनट हवलदार आलोक की नजर किसी संदिग्ध पर पड़ी और आगे थोड़ा घनी बस्ती में आवाजाही की आवाजें सुनाई दी। पांच मिनट बाद हवलदार आलोक ने आतंकवादियों के एक संगठन को देखा जो कि सुरक्षाघेरा को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। वहां पर बहुत घना जंगल होने के कारण दूर तक नहीं दिख रहा था। आतंकियों ने इसका लाभ उठाया और सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। हवलदार आलोक ने साहस दिखाते हुए आगे बढ़े आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया और एक आतंकी को मार गिराया था।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मानित किए जाने वाले वीरों की जारी की गई लिस्ट 

वहीं, दूसरी ओर गृह मंत्रालय ने पुलिस के उन साहसी वीरों के नामों वाली लिस्ट जारी की है जिन्हें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा।  215 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड, 80 को राष्ट्रपति का पुलिस मेडल और 631 जवानों को उनके सराहनीय कार्य के लिए मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा आइटीबीपी ने गृह मंत्रालय के समक्ष उन 21 जवानों के नाम भी बहादुरी पदक के लिए अनुशंसा किए हैं जिन्होंने पूर्वी लद्दाख के गलवन घाटी में चीन का सामना पूरे साहस के साथ किया। हर साल  गृह मंत्रालय अलग-अलग राज्यों में असाधारण एवं उल्लेखनीय सेवा व योगदान के लिए जवानों के लिए मेडल का ऐलान करती है।  राज्य सरकारें इन पुरस्कारों के लिए पुलिसकर्मियों के नाम की सिफारिश करती हैं।

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