लद्दाख में बर्फीले तूफान का तांडव: 10 लोग बर्फ में दबे, 5 शव निकले गए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख के खारदुंगला टॉप इलाके में शुक्रवार को हिमस्खलन की चपेट में आने से टिप्पर के चालक समेत दस लोग बर्फ में दब गए। 18000 फिट की ऊंचाई पर -15 डिग्री सेल्सियस में सेना की ओर से चलाए जा रहे राहत अभियान में देर शाम तक छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे। वहीं, अन्य की तलाश जारी है। सभी कारगिल के जंस्कार इलाके के रहने वाले हैं और लेह में श्रमिक का काम करते थे।

खारदुंगला टॉप के पास साउथ पुल्लू इलाकों में सुबह करीब सात बजे हिमस्खलन हुआ। इसकी चपेट में एक टिप्पर आ गया। आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी सेना को दी। सेना ने तुरंत हादसे की जानकारी कोर मुख्यालय को दी और युद्ध स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। आर्मी एविएशन के हेलीकाप्टरों ने एवलांच पैंथर्स को आधुनिक यंत्रों व खोजी कुत्तों के साथ इलाके में उतारा। इसके साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स व जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी और जवान भी मौके पर पहुंच गए।

सेना की उत्तरी कमान ने हिमस्खलन में दो टिप्परों के दब जाने का बयान जारी किया, लेकिन लेह की डिप्टी कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर अवनी लवासा ने बताया कि केवल एक ही वाहन हादसे का शिकार हुआ है।

बताया जा रहा है कि वाहन सड़क से करीब 800 मीटर नीचे बीस फिट बर्फ में दबा हुआ है। वहीं, सेना और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीम लापता चार अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। सभी लोग निर्माण सामग्री ढोने वाले टिप्पर के साथ काम करने वाले श्रमिक और एक इसका चालक है। शुक्रवार करीब 10 घंटे तक -15 डिग्री तापमान में बचाव अभियान जारी रहा। लेकिन देर शाम अंधेरा होने पर अभियान को रोक दिया गया। सुबह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। हिम स्खलन करीब 1100 मीटर के दायरे में हुआ है। इसके चलते अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है।

मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये 
राज्य प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है। लेह की डिप्टी कमिश्नर अवनी लवासा व एसएसपी सरगम शुक्ला ने भी घटना स्थल का दौरा कर बचाव अभियान का जायजा लिया।

तीन शवों की पहचान हुई
हादसे के बाद बरामद किए गए शवों में से तीन की पहचान हो गई है। वे कारगिल जिले के जंस्कार के नुरबू सी¨रग, थिनलैस फालजांग, सीवांग ताशी है। उनकी पहचान के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है। वहीं, लापता लोगों में नवांग टुंडुप, चालक चौंबेल और श्रमिक सांगे शामिल हैं। छह शवों के साथ बर्फ में दबे टिप्पर का कुछ हिस्सा भी मिल गया है।

डीप सर्च राडार का हो रहा है इस्तेमाल
सेना की चौदह कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वाइके जोशी बड़े पैमाने पर जारी बचाव कार्य की देखरेख कर रहे हैं। बर्फ के भीतर दबे लोगों को तलाशने के लिए सेना डीप सर्च राडार का भी इस्तेमाल कर रही है। विपरीत हालात में बचाव अभियान में समय लगना तय है। ऐसे में सेना ने हुंडर के आर्मी अस्पताल से मेडिकल टीमें, डी¨टग ब्लैंकेट, गर्म कपड़े व जरूरी साजो सामान भी घटनास्थल पर भेज दिया है।

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