महंगाई की आहट: मानसून की तगड़ी मार से बाधित हो सकती है टमाटर और प्याज की आपूर्ति

नई दिल्ली, जेएनएन। दक्षिण पश्चिम मानसून की बरसात से चूके क्षेत्रों में अब दूसरे चरण के मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। इससे पूर्वोत्तर समेत दक्षिणी राज्यों में सामान्य से अधिक बरसात हो रही है। पूर्वोत्तर मानसून की सक्रियता से केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश समेत पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है। महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में बरसात होने से उत्तरी राज्यों में प्याज और टमाटर की आपूर्ति के प्रभावित होने का आशंका बढ़ गई है।

अरब सागर में चक्रवाती तूफान की स्थिति

सनद रहे कि इन राज्यों में पिछले कई सालों से मानसून के दूसरे चरण में बारिश सामान्य से बहुत कम होती रही है। इसके चलते दक्षिणी राज्यों में भूजल का स्तर बहुत नीचे चला गया था। इससे पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया था। भारतीय मौसम विभाग के जारी बुलेटिन के मुताबिक तमिलनाडु से लगी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने लगा है। इसी तरह अरब सागर में भी चक्रवाती तूफान की स्थिति बनने से निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके चलते महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी बारिश हो रही है।

प्याज की निकासी रुकी 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कई जगहों पर बारिश से मतदान में खलल पड़ गया। महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक क्षेत्र नाशिक और लासलगांव में खेतों से प्याज की निकासी रुक गई है। बरसात के चलते ही देश के उत्तरी राज्यों में प्याज की आपूर्ति इसका विपरीत असर पड़ सकता है। इसी तरह हैदराबाद से टमाटर की आपूर्ति पर प्रभाव पड़ सकता है। उत्तरी राज्यों में टमाटर और प्याज की आपूर्ति कम होने से कीमतें बढ़ी हुई हैं, जिसे थामने के उपाय तो किये गये हैं। लेकिन महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में बरसात के चलते स्थितियां विपरीत हो सकती हैं।

मानसून की वापसी से संकट  

देश के ज्यादातर हिस्सों में आने वाला दक्षिण पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय पर आया और जमकर बरसा। 15 अक्टूबर के आसपास विदा हो गया। लेकिन इस दौरान पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में सामान्य से कम बारिश हुई थी। मौसम विभाग के जारी बुलेटिन के मुताबिक आने वाले चार-पांच दिनों में कई जगहों पर अच्छी बरसात होने की संभावना है। दक्षिणी राज्यों के साथ अगले एक-दो दिनों के भीतर महाराष्ट्र के विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण क्षेत्र और गोवा में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। जबकि पूर्वी राज्यों में ओडिशा और झारखंड में भी दिवाली से पहले अच्छी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। 

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