भारतीय निवेश को प्राथमिकता देगा श्रीलंका, जल्द ही अनाज व आवश्यक दवाइयों की खेप भेजा जाएगा

अनाज दवाइयों और विदेशी मुद्रा की किल्लत से जूझ रहे श्रीलंका को चीन से कोई खास मदद नहीं मिल रही । श्रीलंका को एकमात्र उम्मीद अब भारत से है। भारत ने भी पड़ोसी धर्म निभाते हुए श्रीलंका को मदद करने के लिए चार सूत्री पैकेज पर सहमति जता दी है।

TaniskFri, 03 Dec 2021 09:09 PM (IST)
श्रीलंका को जल्द ही अनाज व आवश्यक दवाइयों की खेप भेजेगा भारत।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अनाज, दवाइयों और विदेशी मुद्रा की किल्लत से जूझ रहे श्रीलंका को चीन से कोई खास मदद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में श्रीलंका को एकमात्र उम्मीद अब भारत से है। भारत ने भी पड़ोसी धर्म निभाते हुए श्रीलंका को मदद करने के लिए चार सूत्री पैकेज पर सहमति जता दी है। इसके तहत श्रीलंका को जल्द ही अनाज व आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी जाएगी। साथ ही उसे विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वह दूसरे देशों से आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर सके। इसके अलावा श्रीलंका को ईधन की आपूर्ति भी की जाएगी और उसे भुगतान संतुलन की स्थिति सुधारने के लिए करेंसी स्वैप की सुविधा दी जाएगी।

दूसरी तरफ, श्रीलंका ने कहा है कि वह भारत से विभिन्न सेक्टर में होने वाले निवेश को बढ़ावा देगा। यह श्रीलंका के ढांचागत क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के निवेश को बढ़ाने वाला कदम साबित हो सकता है। भारत की दो दिनों की यात्रा करके स्वदेश लौटने के बाद श्रीलंका के वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे की तरफ से उनके मंत्रालय ने एक विस्तृत बयान जारी किया है, जो बताता है कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की सरकार किस तरह की चुनौतियों से जूझ रही है।

चीन की ओर से नहीं मिल रही पर्याप्त मदद

यह भी बताते चलें कि जुलाई 2021 में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद बासिल राजपक्षे ने पहले विदेश दौरे के तौर पर भारत का ही चयन किया है। जानकारों का कहना है कि गोटाबाया राजपक्षे के चीन समर्थक होने के बावजूद चीन की सरकार से श्रीलंका को पर्याप्त मदद नहीं मिल पा रही है। चीन की तरफ से श्रीलंका पर कई तरह के दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। पिछले हफ्ते ही श्रीलंका सरकार ने चीन की कंपनी सीएचईसी को कोलंबो पोर्ट पर स्थित कंटेनर टर्मिनल का दूसरा फेज बनाने का ठेका दिया है। दूसरी तरफ श्रीलंका में बिजली व ईधन संकट चरम पर पहुंच गया है।

तत्काल मदद की लगाई गुहार

श्रीलंका के वित्त मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि बासिल राजपक्षे ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात करके श्रीलंका के मौजूदा संकट के बारे में विस्तार से बताया है और तत्काल मदद की गुहार लगाई है। माना जा रहा है कि उन्होंने भारत से अनाज, दवाएं, ईधन मिलने के साथ ही करेंसी स्वैप की सुविधा के तौर पर एक अरब डालर की मदद मांगी है। जल्द ही दोनों देशों की तरफ से इस संदर्भ में एक पैकेज की घोषणा किए जाने की संभावना है। राजपक्षे की तरफ से बताया गया है कि भारत के विदेश और वित्त मंत्री ने उनकी तरफ से सीधा संवाद कायम करने की व्यवस्था का आग्रह मान लिया है। इससे पैकेज को लेकर शीघ्रता से फैसला करने में मदद मिलेगी। बताते चलें कि इसी साल अक्टूबर के पहले हफ्ते में विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने कोलंबो की यात्रा की थी।

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