बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक रहेगा जारी, मौसम विभाग ने दिल्‍ली-यूपी समेत इन राज्‍यों को किया अलर्ट

उत्‍तर भारत के राज्‍यों में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक सितंबर में मानसून के बदरा जमकर बरसेंगे। ऐसे में लोगों को सर्तक रहने की अपील की गई है क्‍योंकि पूरे सप्‍ताह मध्‍यम बारिश का अनुमान है।

Monika MinalThu, 02 Sep 2021 06:34 AM (IST)
सितंबर में सामान्य से अधिक होगी बारिश, मानसून को लेकर IMD का पूर्वानुमान

नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्‍ली, उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा समेत उत्‍तर भारत के कुछ राज्‍यों में बारिश का दौर इस महीने जारी रहेगा। आज दिल्‍ली-एनसीआर में सुबह से ही जमकर बारिश हुई, जिसकी वजह से कई जगह जलभराव हुआ और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य तौर पर सितंबर मध्य तक मानसून की विदाई हो जाती थी लेकिन इस बार अगस्त के आखिरी दिन से राजधानी दिल्ली समेत कई जगहों पर मानसून कुछ अधिक मेहरबान हो गया है। गुरुवार सुबह से दिल्ली-NCR में भारी बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5 सितंबर तक ऐसे ही मौसम का अनुमान जताया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी लोगों को बारिश के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं।

इस बारिश ने दिल्ली को भीषण गर्मी से राहत तो दे दी है लेकिन जगह-जगह जलभराव से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में बारिश ने पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मुंबई में भी ऐसी बारिश हो रही है कि यहां की सड़कें डूबी हुई हैं। 

गुजरात के कुछ हिस्सों में भी होगी भारी बारिश 

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात के दक्षिण इलाके, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश की संभावना जताई। वहीं दक्षिण राजस्थान में भी बारिश की संभावना है। गुजरात के सौराष्ट्र व कच्छ में शुक्रवार, 3 सितंबर को भी बारिश हो सकती है। IMD ने बताया, 'पश्चिम भारत में शुक्रवार को तेज बारिश हो सकती है साथ ही आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 4-5 सितंबर को बारिश की संभावना है।'

केदारनाथ में सीजन का पहला हिमपात

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की ऊंची चोटियों में बर्फबारी से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में हल्की ठंडक बढ़ गई है। चमोली जिले में बदरीनाथ धाम की चोटियों में जहां लगातार दूसरे दिन बर्फ पड़ी, वहीं केदारनाथ की चोटियों पर इस सीजन का पहला हिमपात हुआ। इसके अलावा औली और जोशीमठ के पास चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई है। इसके अलावा दून समेत आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी जारी है।

इस साल मानसून अपने अंतिम माह में प्रवेश कर गया है। इसके साथ ही पंजाब में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। यहां के 68 फीसद जिलों में कम वर्षा हुई है। वहीं हरियाणा में मानसून की बारिश बेहतर स्थिति में है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बुधवार को बताया कि मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में सितंबर में सामान्य से अधिक से लेकर सामान्य तक बारिश होने की संभावना है। लेकिन उत्तर व पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से लेकर सामान्य से कम तक बारिश होने की संभावना है।

विभाग के महानिदेशक ने कहा कि बारिश में कमी अभी नौ फीसद है और सितंबर में अच्छी बारिश की वजह से इसमें कमी आने की संभावना है। लिहाजा विभाग ने मौसम के लिए कुल बारिश के अनुमान को संशोधित किया है और अब इसके सामान्य से थोड़ा नीचे रहने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, जून में 10 फीसद बारिश अधिक हुई थी जबकि जुलाई में सात फीसद बारिश कम हुई थी।

वैश्विक माडल अनुमानों के संकेत 

महापात्र ने बताया कि ताजा वैश्विक माडल अनुमानों से संकेत मिलते हैं कि सितंबर में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर वर्तमान अल नीनो स्थितियां और हिंद महासागर क्षेत्र के ऊपर नकारात्मक हिंद महासागर द्विध्रुवीय स्थितियां कायम रहने की संभावना है। हालांकि मध्य और पूर्व भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर समुद्र की सतह के तापमान में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं और मानसून मौसम के आखिर में और उसके बाद ला नीना स्थितियों के फिर से उभरने की काफी संभावना है।

इस माह सामान्य से अधिक बारिश कराएगा मानसून

देश में सितंबर माह में मानसून की बारिश सामान्य से अधिक हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले माह अगस्त में सामान्य से 26 फीसद कम बारिश रिकार्ड हुई थी। मानसून की कमी अब सितंबर के दौरान अच्छी बारिश के कारण पूरी होने की उम्मीद है।  मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया, 'अगस्त में 28 अगस्त तक बारिश में 26 फीसद की कमी दर्ज की गई जो उत्तर और मध्य भारत में रिकार्ड हुई।। बता दें कि मंगलवार को ही उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में मौसम ने करवट बदली थी।

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