स्कूल के लिए रोज 24 किमी चलाई साइकिल, एमपी में पाया आठवां स्थान; IAS बनने का है लक्ष्य

स्कूल के लिए रोज 24 किमी चलाई साइकिल, एमपी में पाया आठवां स्थान; IAS बनने का है लक्ष्य

अपनी सफलता को लेकर रोशनी ने कहा कि मुझे सरकार द्वारा साइकिल दी गई थी जिसके मैंने बहुत अच्छे से इस्तेमाल किया।

Publish Date:Sun, 05 Jul 2020 07:23 PM (IST) Author: Dhyanendra Singh

भिंड, जेएनएन। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव तहसील के अजनौल गांव निवासी 15 वर्षीय रोशनी भदौरिया ने हाईस्कूल परीक्षा में 300 में से 295 अंक प्राप्त किए हैं। मध्य प्रदेश की प्रवीण्य सूची में उन्हें आठवां स्थान मिला है। उनके गांव से स्कूल की दूरी 12 किमी है और रोजाना स्कूल आने-जाने में रोशनी ने 24 किमी साइकिल चलाई है। घर में भी उन्होंने पांच-छह घंटे पढ़ाई की। इस उपलब्धि से खुश रोशनी आइएएस अधिकारी बनकर समाज के शोषित-वंचित लोगों की मदद करना चाहती है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रोशनी की इस सफलता पर आशीर्वाद दिया और तारीफ की है।

रोशनी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। सरकार की ओर से उन्हें साइकिल मिली तो फिर पढ़ाई के उनके अरमानों को पंख लग गए। इसी साइकिल से रोशनी ने गांव से रोजाना मेहगांव के सरकारी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक 24 किमी का सफर किया। रोशनी के पिता पुरषोत्तम भदौरिया किसान हैं। उनके पास महज 4 हैक्टेयर जमीन है।

रोशनी को सीएम शिवराज चौहान ने दिया आशीर्वाद

रोशनी के इस सफलता पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी तारीफ की है और आशीर्वाद दिया है। सीएम शिवराज ने ट्विटर पर लिखा कि बेटियों तुम ऐसे ही सफलता के कीर्तिमान रचती रहो। मुश्किलों को परास्त कर, अविराम बढ़ती रहो। बेटी रोशनी, संघर्षों के बाद मिली जीत आत्मविश्वास बढ़ाती है। तुम प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनोगी। सदा खुश रहो, सफल हो  मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है।

मां और भाई ने दी है 12वीं की परीक्षा मां

सरिता भदौरिया और बड़े भाई श्यामवीर भदौरिया ने 12वीं की परीक्षा दी है। छोटा भाई कृष्णप्रताप भदौरिया 5वीं कक्षा का छात्र है। हाइस्कूल के परीक्षा परिणाम के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। माता-पिता को बेटी रोशनी पर गर्व है। रोशनी भदौरिया का पसंदीदा विषय गणित है। रोशनी कहती हैं कि गणित में उन्हें 100 में से 100 अंक मिले हैं। सामाजिक विज्ञान में 100, संस्कृत में 99, अंग्रेजी में 96 और विज्ञान विषय में 96 अंक मिले हैं। रोशनी कहती हैं कि अब आइएएस अधिकारी बनना उनका लक्ष्य है। मालूम हो, कोरोना संकट के कारण इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में प्रावीण्य सूची 300 अंक के आधार पर जारी की गई है।

टैलेंट हंट का विशेष अभियान चलाएं

तन्खा रोशनी के प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने के संदर्भ को रेखांकित करते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रतिभाशाली स्कूली बच्चों के लिए टैलेंट हंट का विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि रोशनी 24 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर स्कूल जाती है। टैलेंट हंट से हमारे प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जा सकते हैं। ये हमारे पास नहीं आएंगे, बल्कि हमें उन्हें ढूंढना होगा।

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