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कोरोना मरीजों में बढ़ते मानसिक तनाव के चलते कोविड अस्पतालों में नियुक्त होंगे मनोचिकित्सक

बिलासपुर, राज्य ब्यूरो। कोरोना मरीजों में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद को देखते हुए केंद्र सरकार ने कोविड अस्पतालों में मनोचिकित्सकों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। अलग-अलग अस्पतालों में काम कर रहे मनोचिकित्सकों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे अंतिम वर्ष के छात्रों की भी सेवा लेने को कहा गया है। यह डॉक्टर जरूरत पड़ने पर कोरोना मरीजों की काउंसलिंग करेंगे।

कोविड अस्पतालों से मिली रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। रिपोर्ट में मरीजों की मनोदशा का भी विस्तार से जिक्र है। मरीजों को चिंता रहती है कि कोरोना से लड़कर घर पहुंच पाऊंगा या नहीं। परिजनों को दोबारा देख तो सकूंगा, ..मुझे रातभर नींद नहीं आती थीं, जैसी बातें शामिल हैं।

मनोचिकित्सक की नियुक्ति से कोरोना मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी

मनोचिकित्सक की नियुक्ति से कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज में काफी हद तक मदद मिलने का दावा भी किया जा रहा है। वहीं, होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों से डॉक्टर सीधे संपर्क में रहते हैं। आने वाले दिनों में उनके लिए टेली काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें घर बैठे कोई तनाव हो रहा है तो वह मनोचिकित्सक से बात कर पाएंगे।

कोविड अस्पताल में मनोरोग अस्पताल के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। टेली काउंसलिंग की सुविधा भी दी जाएगी -सारांश मित्तर, जिलाधिकारी, बिलासपुर।

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