PNB scam: ब्रिटिश कोर्ट के फैसले के बाद कब भारत आ सकता है नीरव मोदी, जानें- अब क्या विकल्प है

नीरव मोदी को ब्रिटिश कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है। (फोटो एएनआई)

भारत आने पर नीरव मोदी को मुबंई के ऑर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद नीरव मोदी को बचने के लिए अब क्या विकल्प है? क्या नीरव मोदी इसके बाद भारत आ सकता है या नहीं।

Sanjeev TiwariThu, 25 Feb 2021 06:44 PM (IST)

नई दिल्ली, एजेंसी। पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को ब्रिटिश कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि पंजाब नेशनल बैंक से लगभग 13 हजार 600 करोड़ रुपये के गबन का आरोपी नीरव मोदी जल्द ही भारत आ सकता है। भारत आने पर नीरव मोदी को मुबंई के ऑर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद नीरव मोदी को बचने के लिए अब क्या विकल्प है? क्या नीरव मोदी इसके बाद भारत आ सकता है या नहीं। क्या नीरव के भारत आने में अभी भी कोई पेंच हैं? इन्ही सवालों पर आइए नजर डालते हैं।

गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास भेजा जाएगा फैसला

लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के आज से फैसले को अभी ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा। जिसके बाद ब्रिटिश मंत्री कोर्ट के इस फैसले को अपनी मंजूरी देंगी। अगर यहां कोई समस्या आती है तब भी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण में विलम्ब हो सकती है। हालांकि, भारत सरकार के कई अधिकारी ब्रिटिश सरकार के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए हैं। बता दें कि नीरव मोदी से जुड़े इस फैसले की कॉपी यूके के गृह मंत्रालय में भेजी जाएगी। इसके बाद होम ऑफिस के पास 28 दिन का समय होगा, जिस पर वहां के सचिव हस्ताक्षर करेंगे। इस तरह कुल 28 दिनों के भीतर नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। लेकिन नीरव मोदी के पास अभी भी विकल्प हैं, जिनसे वह फिलहाल के लिए बच सकता है।

ब्रिटिश हाईकोर्ट में अपील कर सकता है नीरव

नीरव मोदी के पास अब वेस्टमिंस्टर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का एक विकल्प बाकी है। यहां भी सुनवाई के दौरान नीरव मोदी के वकील बहस करेंगे। जिसके बाद हाईकोर्ट नीरव को भारत प्रत्यर्पित करने पर अपना फैसला सुनाएगा। ऐसे में इस भगोड़े कारोबारी के अभी तुरंत भारत आने की उम्मीदें कम हैं।

आज के फैसले में कोर्ट ने क्या कहा

वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जज सैमुअल गूजी ने आज फैसला सुनाते हुए साफ कहा कि नीरव को दोषी ठहराने लायक जरूरी सबूत मौजूद हैं। कोर्ट ने ये भी माना कि नीरव मोदी ने सबूत मिटाने और गवाहों को धमकाने की साजिश रची। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाता है तो उनके साथ न्याय नहीं होगा। भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष है। कोर्ट ने मानसिक सेहत को लेकर नीरव की ओर से लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया।

नीरव मोदी की दलील भी खारिज

ब्रिटिश कोर्ट ने नीरव मोदी की मानसिक स्वास्थ्य को लेकर दी गई दलील को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में यह असामान्य बात नहीं है। जज ने बताया कि नीरव मोदी को मुंबई के आर्थर रोड जेल में पर्याप्त चिकित्सा दी जाएगी और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल भी की जाएगी। जज ने कहा कि नीरव मोदी को भारत भेजने पर आत्महत्या का कोई खतरा नहीं है क्योंकि उसके पास आर्थर रोड जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।

जानें- कब हुई थी नीरव मोदी की गिरफ्तारी

नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये शामिल हुआ था। कोर्ट पहले भी नीरव के जमानत के कई अर्जियों को खारिज कर चुका है।

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