अफगानिस्तान में और निवेश पर बोले नितिन गडकरी- पीएम मोदी ही लेंगे अंतिम निर्णय

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का नेतृत्व करने वाले नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने यह भी कहा कि उस देश में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भारत द्वारा पूरी की जा चुकी हैं जबकि कुछ अभी पूरी होनी बाकी है।

Manish PandeySun, 19 Sep 2021 11:27 AM (IST)
भारत ने अफगानिस्तान में 3 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश किया है।

 नई दिल्ली, पीटीआइ। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे में और निवेश पर फैसला आखिरी फैसला प्रधानमंत्री मोदी ही करेंगे। रविवार को नितिन गडकरी ने कहा कि युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां के बुनियादी ढांचे के निवेश को जारी रखने पर अंतिम निर्णय विदेश मंत्री के साथ मौजूदा स्थिति पर विचार करने के बाद प्रधान मंत्री द्वारा ही लिया जाएगा।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का नेतृत्व करने वाले नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि उस देश में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भारत द्वारा पूरी की जा चुकी हैं, जबकि कुछ अभी पूरी होनी बाकी है। पिछले महीने पश्चिमी देशों द्वारा समर्थित अशरफ गनी की सरकार को हटाकर अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया था।

गडकरी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हमने एक बांध (सलमा बांध) बनाया है... हमने अफगानिस्तान में जल संसाधनों के क्षेत्रों में काम किया है।' गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर इस पर फैसला लेंगे कि भारत अब अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करेगा या नहीं।

भारत ने अफगानिस्तान में विभिन्न कल्याण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगभग 3 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश किया है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने कहा था कि वैश्विक समुदाय को अफगानिस्तान में नए शासन को मान्यता देने पर सामूहिक रूप से और सोच-समझकर निर्णय लेना होगा।

इससे पहले अफगानिस्तान में गंभीर मानवीय संकट के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत पहले की तरह ही अफगानों के साथ खड़ा रहेगा। अफगानिस्तान एक अहम और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और वहां बेहतर माहौल बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा हालात में व्यापक बदलाव और इसके परिणाम स्वरूप मानवीय जरूरतों में भी परिवर्तन देखा गया है। विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के करीबी पड़ोसी के रूप में वहां के घटनाक्रम पर भारत नजर रख रहा है।

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