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दौलत बेग ओल्डी को लेह से जोड़ने वाली सड़क का काम हर हाल में इसी साल पूरा कराना चाहते हैं पीएम

श्रीनगर, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख के हालात का जायजा लेकर दिल्ली लौट गए हैं। उनके दौरे का असर अग्रिम क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं में तेजी के रूप में सामने आने लगा है। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों और आठ पुलों के निर्माण में गति लाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने इंजीनियरों एवं श्रमिकों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है। इसके लिए झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और उड़ीसा के अलावा जम्मू-कश्मीर से भी श्रमिक जुटाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री इन परियोजनाओं को इसी साल तक पूरा करना चाहते हैं।

आठ पुलों का निर्माण इसी साल पूरा करने के निर्देश

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर चीन से जारी तनाव के बीच हालात का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्वयं लेह आए थे। उन्होंने सैन्य अधिकारियों और बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक में अग्रिम इलाकों में जारी निर्माण गतिविधियों का भी जायजा लिया। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 255 किलोमीटर लंबी दरबुक-श्योक-दौलबबेग ओल्डी (डीएसडीबीओ) मार्ग पर बन रहे आठ पुलों का निर्माण इसी साल पूरा करने का निर्देश दिया है।

नहीं आने दी जाएगी संसाधनों की कमी

पीएम मोदी ने कहा है कि इन सड़क परियोजनाओं के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि इस सड़क के निर्माण से सेना साजो सामान समेत मात्र छह घंटे में ही लेह से दौलत बेग ओल्डी पहुंच जाएगी। फिलहाल, एक बड़ा पुल हम तैयार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को बताया गया कि लद्दाख में काम करने लायक मौसम मात्र चार माह ही रहता है और एक माह लॉकडाउन में बीत चुका है।

उचित कदम उठाने के निर्देश

पीएम मोदी ने श्रमिकों, इंजीनियर एवं मशीनरी की तादाद बढ़ाने और उनके समुचित इस्तेमाल का निर्देश देते हुए सेना व नागरिक प्रशासन को उचित कदम उठाने के लिए कहा है। पीएम मोदी को बताया गया कि मौजूदा वक्‍त करीब 12 हजार श्रमिकों की सेवाएं ली जा रही हैं और उनमें से अधिकतर झारखंड के हैं।

एलएसी के समानांतर है डीएसडीबीओ मार्ग

दरबुक-श्योक-दौलब बेग ओल्डी सड़क ही चीन की आंख का कांटा बनी है। इस मार्ग पर गलवन घाटी में प्वाइंट 14 को जोड़ने वाला एक पुल श्योक दरिया पर बन चुका है। यह सड़क एलएसी के समानांतर समुद्रतल से करीब 13 हजार फुट की ऊंचाई से लेकर 16 हजार फुट की ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरते हुए लेह से जुड़ती है। इस सड़क का निर्माण करीब 20 साल पहले आरंभ हुआ था और वर्ष 2014 में इसका काम फास्टट्रैक आधार पर शुरू किया गया। दौलत बेग ओल्डी को कराकोरम दर्रे का आधार भी माना जाता है। कराकोरम दर्रा ही चीन के जियांग इलाके को लद्दाख से अलग करता है।

निर्माण कार्य को जल्‍द पूरा करने के निर्देश

संबंधित सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने डीएसबीओ मार्ग से गलवन घाटी में एक पहाड़ी तक बिछाई जा रही संपर्क सड़क को जल्द पूरा करने को कहा है। यह सड़क जिस चोटी तक पहुंच रही है, वहां से एलएसी पर चीन की हरकतों की लगातार निगरानी संभव है।

सासोमा से सोसेर ला की सड़क भी है अहम

सूत्रों ने बताया कि डीएसडीबीओ की तरह सासोमा से सोसेर ला तक बिछाई जा रही सड़क भी अहम है। यह सड़क कराकोरम दर्रे के पास दौलत बेग ओल्डी के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगी। यह सड़क दौलत बेग ओल्डी के दक्षिण पश्चिम में है और इसका ज्यादातर हिस्सा समुद्रतल से 17800 फुट की ऊंचाई वाल इलाके से गुजरता है। यह सड़क परियोजना बीआरओ के हार्डनेस इंडेक्स-तीन में आती है।  

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