प्रधानमंत्री मोदी ने गांवों में घर-घर कोरोना टेस्टिंग का दिया निर्देश, कहा- टीकाकरण अभियान को किया जाए तेज

कोविड-19 हालात व वैक्सीनेशन पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बैठक

देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण हालात अब कुछ नियंत्रण में होने के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच कोराना वैक्सीनेशन व संक्रमण के हालात की समीक्षा के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई है।

Monika MinalSat, 15 May 2021 10:36 AM (IST)

नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश भर में कोविड-19 के कारण हालात और कोरोना वैक्सीनेशन की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री ने देश में जारी वैक्सीनेशन अभियान से जुड़े तमाम मसलों पर चर्चा की और टीकाकरण व कोविड टेस्टिंग की प्रक्रिया में और तेजी लाने को कहा। साथ ही केंद्र की ओर से भेजे गए वेंटिलेटर जिन राज्यों में अब तक इस्तेमाल नहीं किए गए हैं उन्हें तुरंत इंस्टॉल कराने का सख्त आदेश दिया। 

प्रधानमंत्री ने गांवों में घर-घर कोरोना टेस्टिंग और सर्विलांस पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने उच्च संक्रमण वाले क्षेत्रों में भी टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत बताई है। PMO की ओर सेे दी गई जानकारी के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री ने वेंटिलेटर को लेकर कुछ राज्यों को सख्त निर्देश दिए क्योंकि वहां स्टोरेज में ऐसे वेंटिलेटर पड़े हैं जिसका इस्तेमाल अब तक नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री ने तुरंत इन वेंटिलेटर को इंस्टॉल करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री को देश में जारी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके अलावा वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करें।

प्रधानमंत्री ने कोरोना टेस्टिंग के लिए RT-PCR व रैपिड एंटिजन टेस्ट की मदद से तेजी लाने को कहा। उन्होंने आगे कहा कि राज्यों को पारदर्शी तरीके से कोविड-19 से जुड़े आंकड़े बताने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए बिना यह सोचे की इससे उनके प्रयासों को नेगेटिव नजरिए से देखा जाएगा। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में डोर टू डोर कोरोना टेस्टिंग पर जोर दिया। ग्रामीण इलाकों में होम आइसोलेशन व इलाज को समझाने के लिए आसान और सहज भाषा के इस्तेमाल की बात कही। इसके अलावा इन इलाकों में ऑक्सीजन सप्लाई के मामले पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके वितरण प्रणाली पर काम किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल डिवाइसेज के उपयोग को लेकर हेल्थवर्करों को आवश्यक ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।  इसके अलावा प्रधानमंत्री ने ASHA और आंगनवाड़ी वर्करों को सभी अनिवार्य जरूरतों को पूरा करने और सशक्त बनाने का जिक्र भी किया। 

इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ऑक्सीजन व दवाओं के सप्लाई व उपलब्धता की समीक्षा के लिए बैठक की थी। प्रधानमंत्री ने बताया कि देशभर के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीनेशन किया जा रहा है इसलिए जब भी आपकी बारी आए तो वैक्सीन ज़रूर लें।

उन्होंने कहा, '100 साल बाद आई इतनी भीषण महामारी कदम-कदम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है। हमारे सामने एक अदृश्य दुश्मन है।' उन्हें जानकारी दी गई की कोविड-19  के मैनेजमेंट में ड्रग के सप्लाई का सरकार सक्रियता से मॉनिटरिंग कर रही है। देश में अभी वैक्सीनेशन का तीसरा फेज जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार तक वैक्सीनेशन की कुल 18,04,29,261 खुराक दी जा चुकी है। 

उल्लेखनीय है कि अब लगातार चार दिनों से  ठीक होने वाले मरीजों की संख्या संक्रमण के नए मामलों से ज्यादा रही है। इसके साथ ही कोरोना महामारी को मात दे चुके लोगों का आंकड़ा भी दो करोड़ को पार कर गया है। दो दिन की बढ़त के बाद सक्रिय मामलों में भी 30 हजार से ज्यादा की गिरावट आई है और इनकी संख्या 37 लाख के नीचे आ गई है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शुक्रवार देर रात तक मिले आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश भर में 3,26,014 नए मामले मिले हैं, 3,52,850 मरीज ठीक हुए हैं और 3,876 और मरीजों की जान गई है। इसके साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा दो करोड़ 43 लाख 72 हजार को पार कर गया है। इनमें से दो करोड़ चार लाख 26 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं और 3,66,229 मरीजों की अब तक जान भी जा चुकी है। सक्रिय मामले 36,69,537 हो गए हैं।

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