कश्मीर में हिंसा के लिए पाकिस्‍तान ने रची छात्रों के इस्तेमाल करने की साजिश

 नवीन नवाज, श्रीनगर। कश्मीर में लगातार सुधरते हालात से परेशान राष्ट्र विरोधी तत्वों ने शैक्षिक संस्थानों का दुरुपयोग करने और छात्रों को हिंसा के लिए उकसाने की साजिश रची है। इससे निपटने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने भी पांच सूत्रीय रणनीति बनाई है। इसके तहत सभी स्कूलों में मजिस्ट्रेट नियुक्त होंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों के आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा अनिवार्य होगी। छात्रों को सिर्फ अपनी अकादमिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित रखने को प्रेरित किया जाएगा।

एजेंसियों ने बनाई रणनीति

दरअसल, पाकिस्तान चाहता है कि किसी तरह से कश्मीर में छात्रों को भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के लिए उकसाया जाए। अगर ऐसा होगा तो पूरी वादी में हालात एकदम उसके एजेंडे के अनुरूप हो जाएंगे। सूत्रों के अनुसार छात्रों को भड़काने की साजिश पाकिस्तान में साजिश रची गई है। इसके बाद ही पुलिस, खुफिया एजेंसियों, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की 10-12 दिन पहले बैठक हुई। इसमें वादी में शिक्षण संस्थानों को अलगाववादियों, जिहादियों और पाकिस्तानी एजेंटों का अखाड़ा बनने से रोकने की रणनीति बनाई गई।

स्कूल-कॉलेजों में ठहरे सुरक्षा बल दूसरी जगह जाएंगे 

शिक्षण संस्थानों में सुरक्षाबलों की मौजूदगी से अकादमिक गतिविधियों पर होने वाले असर पर बैठक में तय किया गया कि यथासंभव सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के भीतर ठहरे सुरक्षाबलों को अन्य जगहों पर स्थानांतरित किया जाएगा या उनकी मौजूदगी को न्यूनतम स्तर पर लाते हुए उनकी गतिविधियों को सीमित किया जाएगा। शैक्षिक संस्थानों के परिसरों के आसपास शरारती तत्व सक्रिय न हों, किसी तरह का राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन या पथराव न हो, इसके लिए आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों की पर्याप्त तैनाती और गश्त भी बरकरार रहेगी।

सीसीटीवी कैमरे लगेंगे

छात्रों के वेश में शैक्षणिक परिसरों में आने वाले शरारती तत्वों की निगरानी के लिए स्कूल, कालेजों और विश्वविद्यालयों के भीतर व आसपास के इलाकों में उच्च क्षमता वाले अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

 

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