Brand Ambassador for Womens Empowerment: महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहीं छत्तीसगढ़ की पद्मश्री फूलबासन

60 गांव में दे चुकी प्रशिक्षण, पूरे राज्य में चलाएंगी अभियान।

कौन बनेगा करोड़पति में बतौर कर्मयोगी 50 लाख रुपए जीतने के बाद फूलबासन की प्रसिद्धि पूरे विश्व तक जा पहुंची है। महिला सशक्तीकरण की ब्रांड एंबेसेडर समाजसेवी पद्मश्री फूलबासन यादव इन दिनों किशोरियों की लड़ाकू फौज तैयार कर रहीं हैं।

Bhupendra SinghSun, 17 Jan 2021 08:17 PM (IST)

मिथलेश देवांगन, राजनांदगांव। महिला सशक्तीकरण की ब्रांड एंबेसेडर समाजसेवी पद्मश्री फूलबासन यादव इन दिनों किशोरियों की लड़ाकू फौज तैयार कर रहीं हैं। गांवों की 13 से 18 वर्ष तक की किशोरियों को आत्मरक्षा के लिए बेड टच व गुड टच की जानकारी देने के साथ जूडो व कराटे का प्रशिक्षण देकर उन्हें हालात से निपटने के लिए सक्षम बना रहीं हैं। उनका लक्ष्य है जिले के 1000 गांवों में 20-20 किशोरियों व महिलाओं की लड़ाकू फौज खड़ी करना।

महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहीं हैं पद्मश्री फूलबासन

एक जनवरी से चलाए जा रहे प्रशिक्षण अभियान के पहले चरण में जूडो व कराटे के विशेषज्ञ खिलाड़ियों की मदद से 28 किशोरियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है जो अब अपने गांवों के आसपास की किशोरियों व महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहीं हैं।

पद्मश्री फूलबासन महिलाओं को आत्मरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बना रहीं हैं

विश्व महिला दिवस आठ मार्च को लक्ष्य पूरा करने के बाद यह फौज नारी स्वाभिमान अभियान के तहत अपने-अपने गांवों में सक्रिय हो जाएंगीं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली पद्मश्री फूलबासन अब उन्हें आत्मरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बना रहीं हैं।

गांवों में किशोरियों को आत्मरक्षार्थ जूडो व कराटे की ट्रेनिंग दी जा रही है

फूलबासन बताती हैं कि गांवों में किशोरियों को आत्मरक्षार्थ जूडो व कराटे की ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। 10 दिनों के कोर्स में किशोरियों को घरेलू हिंसा, छेड़खानी, दुष्कर्म व किसी भी तरह के शोषण से बचने के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ ही शारीरिक दक्षता भी सिखाई जा रही है। दो पालियों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

60 गांवों में प्रशिक्षण पूरा हो चुका है

छुरिया ब्लाक के 60 गांवों में प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। डोंगरगढ़, डोंगरगांव व खैरागढ़ ब्लाक में ट्रेनिंग दी जा रही है।

फूलबासन को 2012 में पद्मश्री, 2008 में जमुनालाल बजाज सम्मान, 2010 में स्त्री शक्ति सम्मान मिला

फूलबासन को वर्ष 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा 2008 में जमुनालाल बजाज सम्मान, 2010 में स्त्री शक्ति सम्मान, 2014 में भगवान महावीर सम्मान व एसआर जिंदल अवार्ड मिल चुका है।

पूरे प्रदेश में चलेगा नारी स्वाभिमान अभियान

पद्मश्री फूलबासन नारी स्वाभिमान अभियान को पूरे छत्तीसगढ़ में विस्तारित करना चाहतीं हैं। राजनांदगांव में अभियान पूरा होने के बाद इसे दूसरे जिलों में भी चलाया जाएगा। कवर्धा व मुंगेली में भी नारी स्वाभिमान अभियान की तैयारी शुरू कर दी गई है।

दो लाख महिलाओं का संगठन

फूलबासन के मां बम्लेश्वरी फेडरेशन के अंतर्गत आने वाले 14 हजार स्व-सहायता समूहों में दो लाख से ज्यादा महिलाएं हैं। महिलाओं का समूह जल संरक्षण, नशा मुक्ति, पर्यावरण, जल संरक्षण, सामूहिक खेती के अलावा लघु उद्योगों का भी संचालन कर रहा है। कौन बनेगा करोड़पति में बतौर कर्मयोगी 50 लाख रुपए जीतने के बाद फूलबासन की प्रसिद्धि पूरे विश्व तक जा पहुंची है।

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