देश में ओमिक्रोन के मामले मिलने से हड़कंप, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हाईलेवल बैठक की, जानें सरकार ने अब तक कौन से कदम उठाए

देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के दो मामले पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर तैनात स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों के साथ-साथ अन्य आफि‍सर्स के साथ एक बैठक की।

Krishna Bihari SinghThu, 02 Dec 2021 04:44 PM (IST)
मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर तैनात स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों के साथ अन्य आफि‍सर्स के साथ बैठक की।

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के दो मामले पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर तैनात स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों के साथ-साथ अन्य आफि‍सर्स के साथ एक बैठक की। इस बैठक में कोरोना के नए वैरिएंट 'ओमिक्रोन' के खतरे और इसकी रोकथाम को लेकर तमाम बिंदुओं पर बातचीत हुई। सनद रहे स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देश में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सख्‍त निगरानी और उनकी कोविड-19 जांच कराए जाने की सलाह देता रहा है।

हालात पर बारीक नजर 

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने राज्‍यों को 'जोखिम की श्रेणी में शुमार' देशों के संक्रमित अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के नमूनों की जीनोम सिक्‍वेंसिंग के निदेश दिए हैं। जोखिम वाले देशों के अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट आने तक उनको हवाई अड्डों पर प्रतीक्षा करने की सलाह दी जा रही है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संक्रमित यात्रियों की जीनोम जांच के लिए नमूनों को संबंधित इंसाकोग प्रयोगशालाओं को तुरंत भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं राज्यों को संक्रमित यात्रियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने को भी कहा गया है।

अब तक के उठाए गए एहतियाती कदम

अंतरराष्‍ट्रीय यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य करने के निर्देश विदेश से आने वाले संक्रमितों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने का फैसला जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल नमूने भेजने की सलाह जोखिम वाले मुल्‍कों से आने वालों की कड़ी निगरानी और संपर्कों का पता लगाने के निर्देश एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर अधिकारियों को सख्‍त कोविड जांच का अनुपाल करने के निर्देश भारत बायोटेक ने ओमिक्रोन पर कोवैक्सीन के प्रभाव को परखने के लिए शोध शुरू किया पीएम मोदी की बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक बढ़ाई कोरोना गाइडलाइंस

11 देशों को जोखिम ग्रस्त देशों में रखा

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक अत्यधिक जोखिम के अलावा दूसरे देशों के यात्रियों को 14 दिन तक अपने स्वास्थ्य पर नजर रखनी होगी। इन देशों के यात्रियों में से पांच फीसद का आरटी-पीसीआर टेस्ट करने के निर्देश हैं। इन यात्रियों को एयरपोर्ट पर सैंपल देने के बाद जाने की अनुमति होगी। सरकार ने अब तक 11 देशों को जोखिम ग्रस्त देशों की सूची में रखा है। इनमें दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देश, चीन, मारीशस, इजरायल, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर और हांगकांग शामिल हैं।

सरकार ने सख्‍त किए नियम

संशोधित दिशा निर्देशों के अनुसार, जांच में निगेटिव होने पर यात्रियों को सात दिनों के लिए होम क्वारंटाइन का पालन करना होगा और भारत में आगमन के आठवें दिन उनकी फिर से कोविड जांच कराई जाएगी। यदि वे फिर से निगेटिव मिलते हैं तो उन्हें अगले सात दिन के लिए अपने स्वास्थ्य की खुद निगरानी करनी होगी। यदि किसी यात्री का परीक्षण पाजिटिव पाया जाता है तो उसके नमूने इंसाकाग लैब नेटवर्क पर जीनोमिक परीक्षण के लिए भेजे जाने चाहिए।

विदेश से मुंबई पहुंचे पांच और यात्री संक्रमित मिले

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि जोखिम वाले देशों से मुंबई पहुंचे पांच और यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए। बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि ऐसे यात्री जो जांच में पाजिटिव पाए गए और जिनके ओमिक्रोन से संक्रमित होने का आशंका है, उनकी संख्या बढ़कर नौ हो गई। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि मुंबई पहुंचे सभी पांच यात्री पुरुष हैं। जो 17 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच शहर में आए थे। इनमें से तीन लंदन से, एक पुर्तगाल से और पांचवां जर्मनी से आया था।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रोका

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की दहशत ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नियमित करने के फैसले पर ब्रेक लगा दिया है। पहले सरकार ने 15 दिसंबर से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नियमित करने का फैसला किया था। परंतु, नए वैरिएंट के चलते उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बहाल करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की बात कही थी। उसी के बाद यह फैसला किया गया है। सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में चिन्हित किया गया ओमिक्रोन हफ्ते भर के भीतर दो दर्जन से ज्यादा देशों में फैल गया है।

भारत ने निगरानी बढ़ाई

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि भारत ने यात्रा प्रतिबंध नहीं लगाए हैं, लेकिन निगरानी और प्रोटोकाल बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग 'जोखिम वाले' देशों से आ रहे हैं हवाई अड्डे पर उनकी अनिवार्य रूप से जांच होगी। उन्हें क्वारंटाइन की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। हम अफ्रीकी देशों समेत किसी भी देश के साथ चिकित्सा उपकरण, चिकित्सा सहायता और सहयोग की आपूर्ति करने के लिए तैयार हैं, अगर वे इस तरह के किसी भी अनुरोध के साथ आगे आते हैं।

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