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दिल्ली आने वाले सांसदों के क्वारंटाइन को लेकर गृह मंत्रालय ने दिया स्‍पष्‍टीकरण

नई दिल्ली, प्रेट्र। गृह मंत्रालय ने सोमवार को साफ किया है कि संसद की स्थायी समितियों की बैठक में शामिल होने के लिए घरेलू विमान से दिल्ली आने वाले सांसदों को क्वारंटाइन होने की जरूरत नहीं है। राज्यसभा सचिवालय के साथ पत्राचार में गृह मंत्रालय ने कहा कि उसने क्वारंटाइन के संबंध में ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया है। हालांकि, कुछ राज्यों ने बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए कुछ दिनों का क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिया है। 

सचिवालय ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था

कुछ सांसदों ने स्थायी समिति की बैठक में शामिल होने की इच्छा जताते हुए क्वारंटाइन का मुद्दा उठाया था और इसमें छूट की मांग की थी। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के समक्ष कुछ सदस्यों ने कई राज्यों के कठिन क्वारंटाइन नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि संसदीय समितियों की बैठकों में शामिल होना कठिन है। नायडू ने सचिवालय से इस संबंध में सवाल पूछे थे। इसके बाद सचिवालय ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था। बता दें कि विज्ञान व प्रौद्योगिकी मामलों की स्थायी समिति की बैठक 10 जुलाई को हुई, जबकि गृह मामलों की समिति की बैठक 15 जुलाई को प्रस्तावित है।

यात्रा के ये नए नियम

कोरोना वायरस के प्रसार के कारण अगर यात्री देश के किसी अन्य राज्य से दिल्ली एयरपोर्ट पर आते हैं तो यात्री को सात दिनों तक क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा। अगर यात्री एयरपोर्ट से बाहर जाते हैं तो आपको घर पर सात दिनों तक क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा।

वंदे भारत की उड़ान के माध्यम से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले और कोई कनेक्टिंग उड़ान नहीं लेने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे से बाहर निकलने के बाद सात दिनों तक क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा। इसके बाद, उन्हें अपने घर पर सात दिनों के लिए आइसोलेशन में रहना पड़ेगा।

यदि यात्री वंदे भारत की उड़ान से आते हैं, और अपने राज्य सड़क के माध्यम से जाना चाहते हैं, तो दोनों नियमों का पालन करना होगा। इसका मतलब यह है कि आपको 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा।

 

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