New Strain of COVID-19: दो घंटे से कम समय वाली घरेलू उड़ान में अब नहीं दिया जाएगा खाना

दो घंटे से कम समय वाली घरेलू उड़ान में खाना नहीं दिया जाएगा (फाइल फोटो)

New Strain of COVID 19 नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से फैसला लिया गया है कि दो घंटे से कम समय वाली घरेलू उड़ान में खाना नहीं दिया जाएगा। यह फैसला कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए लिया गया है।

Sanjeev TiwariMon, 12 Apr 2021 05:03 PM (IST)

नई दिल्ली, एएनआई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को ऑन बोर्ड फ्लाइट में खाना दिए जाने की समीक्षा की। इसमें फैसला लिया गया है कि दो घंटे से कम समय वाली घरेलू उड़ान में खाना नहीं दिया जाएगा। यह फैसला कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए लिया गया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अब 15 अप्रैल से घरेलू क्षेत्रों में परिचालन करने वाली वे एयरलाइन्स ही भोजन सेवाएं प्रदान कर सकती हैं, जिनके उड़ान की अवधि दो घंटे या उससे अधिक की है।

Ministry of Civil Aviation reviews serving of meals onboard flights: No meals for domestic flight with a duration of less than two hours, due to new strain of #COVID19. pic.twitter.com/f9I99koPIU

— ANI (@ANI) April 12, 2021

पिछले साल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये लॉकडाउन लगाए जाने के बाद जब 25 मई से निर्धारित घरेलू उड़ान सेवाएं शुरु की गई थीं, तब मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों को कुछ शर्तों के तहत विमानों के भीतर भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी। पूर्व के आदेश में संसोधन करते हुए मंत्रालय के नये निर्देशों में कहा गया है कि घरेलू क्षेत्रों में विमानों का परिचालन कर रही एयरलाइन कंपनियां उन उड़ानों के दौरान भोजन उपलब्ध करा सकती हैं, जिनकी उड़ान की अवधि दो घंटे या उससे अधिक हो।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पिछले दो सप्ताह में हवाई यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अगर फ्लाइट में खाना परोसा जाता है तो यह डिस्पोजेबल प्लेट में परोसा जाएगा। उड्डयन मंत्रालय का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब देश में कोरोना के मामले रिकॉर्ड गति से बढ़ रहे हैं। रविवार को पूरे देश में कोरोना के 1.70 लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए। यह अब तक का रिकॉर्ड है।

भारत में अब तक 1.33 करोड़ लोग संक्रमित

देश में अब तक 1 करोड़ 35 लाख 25 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 21 लाख 53 हजार लोग ठीक हो चुके हैं। 1 लाख 70 हजार 209 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

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