रेमडेसिविर कोरोना की रामबाण दवा नहीं, विशेषज्ञ ने बताए कोविड-19 संक्रमण से जान बचाने के उपाय, आप भी जानें

देश के दिग्‍गज चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने बुधवार को इस महामारी से निपने के उपाय बताए।

देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों ने सरकार के साथ साथ चिकित्‍सा जगत की भी चिंता बढ़ा दी है। देश के दिग्‍गज चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने बुधवार को इस महामारी से निपने के उपाय बताए। इन उपायों को आप भी जानें....

Krishna Bihari SinghWed, 21 Apr 2021 05:09 PM (IST)

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों ने सरकार के साथ साथ चिकित्‍सा जगत की भी चिंता बढ़ा दी है। देश के दिग्‍गज चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने बुधवार को कोरोना संक्रमण से बचने के अलावा संक्रमित मरीजों के लिए कई महत्‍वपूर्ण सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना संक्रमण अब कोई अनजान बीमारी नहीं है। यह कॉमन संक्रमण बन चुकी है। इससे बचाव के उपाय ही इससे निपटने का मजबूत उपाय है। सही समय पर संक्रमण की पहचान हो जाना और इसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाना बेहद जरूरी है। बीमारी से बचाव के बारे में विशेषज्ञों ने सुझावों को आप भी जानें... 

रुक-रुक कर आक्सीजन लेना जीवन रक्षक गैस की बर्बादी 

एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि देश में न तो आक्सीजन की कमी है और न ही एंटी वायरल दवा रेमडेसिविर की। कमी है तो साथ मिलकर काम करने और आक्सीजन और रेमडेसिविर का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल की। डॉ. गुलेरिया ने लोगों से भी अपील की कि अगर जरूरत नहीं हो तो वो आक्सीजन नहीं लें। उन्‍होंने यह भी कहा कि रुक-रुक कर आक्सीजन लेना इस जीवन रक्षक गैस की बर्बादी है।

जरूरत नहीं हो तो आक्सीजन न लें

एम्स के निदेशक ने कहा, 'एक देश के रूप में यदि हम मिलकर काम करते हैं, आक्सीजन और रेमडेसिविर का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करते हैं तो देश में कहीं इसकी कोई कमी नहीं है, भले ही वह महाराष्ट्र हो, दिल्ली हो, छत्तीसगढ़ या अन्य कोई राज्य। जरूरत और आपूर्ति के हिसाब से हमारे पास पर्याप्त आक्सीजन है। लेकिन अगर हम आक्सीजन को जमा करने लगते हैं, भले ही आपको इसकी जरूरत न हो। तब जाहिर है कमी होगी ही, जिसे हम ही पैदा करते हैं, वास्तव में कमी होती नहीं है। मेरी सभी लोगों से अपील है कि जरूरत नहीं हो तो आक्सीजन न लें।'

रेमडेसिविर जादुई गोली नहीं 

गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन और बेंगलुरु स्थित नारायणा हेल्थ के चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी के साथ कोरोना संबंधी मसलों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जानकारी देते हुए डॉ. गुलेरिया ने कहा कि ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है जिससे यह पता चलता हो कि हल्के संक्रमण में रेमडेसिविर लेने से जिंदगी बच जाएगी या इसका कोई फायदा होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि रेमडेसिविर को जादुई गोली नहीं समझें।

ज्यादातर लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि यह समझना अहम है कि ज्यादातर लोग डर की वजह से घर में क्वारंटाइन हो रहे हैं या अस्पताल जा रहे हैं। ऐसे लोगों को किसी विशेष तरह के इलाज की जरूरत नहीं है। सामान्य बुखार की तरह पैरासेटामोल से ही उन्हें राहत मिल जाएगी और वो ठीक हो जाएंगे।

रेमडेसिविर की जरूरत बहुत कम मरीजों को

एम्स के निदेशक ने कहा कि कोरोना से संक्रमित बहुत कम ऐसे मरीज हैं, जिन्हें रेमडेसिविर जैसी दवा की जरूरत है। यह भी नहीं पता चलता है कि रेमडेसिविर के इस्तेमाल मृत्युदर घटती है। उन्होंने आक्सीजन उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिन्हें उसकी जरूरत है।

कितना होना चाहिए आक्सीजन का स्तर

एक स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में आक्सीजन का सैचुरेशन स्तर 95 से 100 फीसद के बीच होता है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि अगर आक्सीजन का स्तर 94 से नीचे आए तब भी घबराने की जरूरत नहीं है, उस पर नजर रखने की जरूरत है। अगर आक्सीजन का सैचुरेशन स्तर 92-94 हो तब डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

तुरंत कराएंं कोरोना जांच  

नारायणा हेल्थ के चेयर मैन डॉ. देवी शेट्टी ने बताया कि यदि आपको बदन दर्द, सर्दी, खांसी, अपच, उल्टी जैसे लक्षण हैं तो मेरा सुझाव है कि आपको तुरंत कोविड-19 की जांच करा लीजिए। यह बीमारी के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि आप एसिम्‍टोमेटिक हैं तो डॉक्टर आपको घर पर आइसोलेशन में रहने, मास्क पहनने और अपना ऑक्सीजन सैचुरेशन हर छह घंटे में चेक करने के लिए कहेंगे। यह कोरोना संक्रमण के इलाज में बेहद जरूरी है... 

समय पर इलाज जरूरी 

डॉ. शेट्टी ने यह भी कहा कि संक्रमण से पीड़ि‍त लोगों में यदि ऑक्‍सीजन का सैचुरेशन 94 फीसद से ऊपर है तो कोई समस्या नहीं है लेकिन यदि एक्सरसाइज के बाद यह गिर रहा है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि मरीज को सही समय पर इलाज उपलब्‍ध कराया जाए।

रेमडेसिविर कोरोना की रामबाण दवा नहीं 

मेदांता अस्‍पताल के विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्‍शन कोरोना के इलाज की रामबाण दवा नहीं है। देखा गया है कि केवल वायरल लोड को कम करने में मदद करती है। हर मरीज के लिए इसका इस्‍तेमाल जरूरी नहीं है। यह मृत्यु दर घटने वाली दवा भी नहीं है। उन्‍होंने यह भी कहा कि कोरोना संक्रमण में बेहद कम लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल के बिस्तरों का इस्‍तेमाल जिम्मेदारी के साथ हो इसके लिए इसके लिए हमें अफरातफरी नहीं मचाना चाहिए। 

सभी संक्रमितों को रेमडेसिविर नहींं 

डॉ. नरेश त्रेहन ने यह भी बताया कि उनके साथ डॉक्‍टरों ने अब एक प्रोटोकॉल बनाया है कि रेमडेसिविर सभी संक्रमितों को नहीं दी जाएगी। इसका इस्‍तेमाल का सुझाव मरीजों के लक्षणों और संक्रमण की गंभीरता को देखने के बाद ही दिया जाएगा। सनद रहे बीते दिनों एम्‍स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी कहा था कि रेमेडिसवीर जादू की गोली नहीं है... ना ही यह मृत्यु दर घटने वाली दवा है। उन्‍होंने साफ कहा था कि हल्के लक्षणों वाले लोगों को समय से पहले दिए जाने पर इसका कोई फायदा नहीं है। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.