एम्‍स ने कहा, अगले साल के मध्‍य तक कोरोना वैक्‍सीन के आने की संभावना, तब तक बचाव ही उपाय

एम्‍स ने कहा, अगले साल के मध्‍य तक कोरोना वैक्‍सीन के आने की संभावना, तब तक बचाव ही उपाय
Publish Date:Fri, 18 Sep 2020 05:16 PM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

नई दिल्‍ली, एएनआइ। एम्‍स ने शुक्रवार को कहा कि देश में विभिन्‍न जगहों पर कोरोना वैक्‍सीन के दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। इसमें 600 से अधिक वालंटियर्स शामिल हैं। नई दिल्‍ली स्थित एम्‍स के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. संजय राय ने कहा कि यदि सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो कोई भी वैक्सीन अगले साल के मध्य तक दुनिया में कहीं भी आ जाएगी। ऐसे में अगले साल के मध्य तक ही स्थिति सामान्य होने की संभावना है।

उल्‍होंने (Dr Sanjay Rai) कहा कि जब तक इस महामारी से बचाव का कोई प्रभावी टीका उपलब्ध नहीं होता है तब तक निवारक उपाय जैसे मास्क, हाथ की सफाई आदि का पालन किया जाना बेहद जरूरी है। डॉ. राय ने यह भी बताया कि अप्रैल-मई में आयोजित किए गए ICMR के सेरोसर्वे में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 64 लाख वयस्क संक्रमित पाए गए थे। सेरो-सर्वेक्षण केवल संक्रमण की दिशा को दर्शाता है जबकि परीक्षण से संक्रमण की वास्तविक संख्या पता चलती है।  

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार तक 41,12,551 मरीज संक्रमण को मात दे चुके हैं। मौजूदा वक्‍त में देश में रिकवरी रेट 78.86 फीसद पर पहुंच गई है। देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 52,14,677 हो गई है जबकि गत 24 घंटे में 1,174 और लोगों की मौत के साथ अबतक 84,372 लोगों की मौत इस बीमारी के चलते हुई है। हालांकि महामारी से होने वाले मौतों की दर में और गिरावट आई है और यह 1.62 फीसद पर सिमट गई है। मौजूदा वक्‍त में देशभर में 10,17,754 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। 

इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया कि भारत में कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए अब तक छह करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। 16 सितंबर तक देश में 6,05,65,728 नमूनों की जांच की गई। बीते 28 अगस्त तक 4,04,06,609 नमूनों की जांच की गई थी। आईसीएमआर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत में पिछले 20 दिन में औसतन प्रतिदिन 10 लाख से अधिक लोगों की जांच हुई है। दो करोड़ नमूनों की जांच बीते 20 दिनों में ही की गई है।

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