अयोध्‍या में राम मंदिर के लिए भेजेंगे अखंड भारत के केंद्र बिंदु की मिट्टी से बनी ईंट, जानें क्‍या है इतिहास

बैतूल जिला प्रशासन के मुताबिक टोडरमल ने अखंड भारत का एक सर्वेक्षण कराया था।

बैतूल जिला प्रशासन के मुताबिक टोडरमल ने अखंड भारत का एक सर्वेक्षण कराया था। इस सर्वेक्षण में उसका केंद्र बिंदु बैतूल के बरसाली गांव में मिला था। इस केंद्र बिंदु पर आज भी एक शिलालेख लगा हुआ है।

Arun kumar SinghSun, 28 Feb 2021 09:04 PM (IST)

 बैतूल, राज्‍य ब्‍यूरो। अयोध्‍या में बनने वाले भगवान राम के भव्‍य मंदिर के लिए देश के अलग-अलग भागों से लोग भेंट देना चाहते हैं। इसी कड़ी में मुगल बादशाह अकबर के नौरत्नों में शामिल रहे टोडरमल द्वारा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के बरसाली गांव में खोजे गए अखंड भारत के केंद्र बिंदु की मिट्टी वहां के लोगों ने इकट्ठा की। इससे ईंट बनाकर अयोध्या में श्रीराम मंदिर की नींव में लगाने के लिए भेजा जाएगा।

राष्ट्र रक्षा मिशन और वंदे मातरम समिति द्वारा रविवार को यहां मिट्टी एकत्र करने का आयोजन किया गया। मिट्टी में 27 पवित्र नदियों का पानी मिलाकर ईटें तैयार की जाएगी। ईटों में देश की अलग-अलग सरहदों की मिट्टी भी डाली जा रही है।

बैतूल में तैयार की जाने वाली ईंट की जाएगी भेंट 

पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि श्रीराम मंदिर के लिए एकता और अखंडता के साथ शौर्य के प्रतीक स्वरूप बैतूल में तैयार की जाने वाली ईंट की भेंट अनूठी होगी। वंदे मातरम समिति के प्रमुख आनंद प्रजापति के मुताबिक, इस मिट्टी से 251 ईटों का निर्माण किया जाएगा। बैतूल से एक प्रतिनिधि मंडल एक ईंट लेकर अयोध्या जाएगा और श्रीराम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से ईट को मंदिर के गर्भगृह में लगाने की अपील करेगा।

इस ईंट के एक भाग पर श्रीराम और दूसरे पर अखंड भारत लिखा जाएगा। ईट निर्माण के लिए मिट्टी और पवित्र जल का संकलन पूरा किया जा चुका है। अगले कुछ दिन में ईट बनाने का काम प्रारंभ कर देंगे। राष्ट्र रक्षा मिशन की प्रमुख गौरी पदम ने बताया कि बैतूल की बहनों ने राजस्थान, कश्मीर सहित कई सरहदों की मिट्टी एकत्र की थी, जिसका अंश श्रीराम मंदिर के लिए बनाई जाने वाली ईट के लिए समर्पित किया गया है। इस मिट्टी में ताप्ती, नर्मदा, गंगा, यमुना, सरयू सहित 21 नदियों का पानी मिलाया जाएगा।

टोडरमल ने करवाया था सर्वेक्षण

बैतूल जिला प्रशासन के मुताबिक टोडरमल ने अखंड भारत का एक सर्वेक्षण कराया था। इस सर्वेक्षण में उसका केंद्र बिंदु बैतूल के बरसाली गांव में मिला था। इस केंद्र बिंदु पर आज भी एक शिलालेख लगा हुआ है।

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