PMKVY 3.0: क्रैश कोर्स में 6 तरह की होगी ट्रेनिंग, युवाओं को रहने-खाने के साथ ही मिलेंगी कई सुविधाएं

विशेष रूप से डिजाइन किए गए कोर्स के तहत युवाओं को 6 तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी। ये होंगे होम केयर सपोर्ट बेसिक केयर सपोर्ट एडवांस केयर सपोर्ट इमरजेंसी केयर सपोर्ट सैंपल कलेक्शन सपोर्ट और मेडिकल इक्विपमेंट सपोर्ट।

Monika MinalFri, 18 Jun 2021 12:57 PM (IST)
'क्रैश कोर्स' में 6 तरह की होगी ट्रेनिंग, युवाओं को रहने-खाने के साथ ही मिलेंगी कई सुविधाएं

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री कौशल योजना 3.0 के तहत देश में 273 करोड़ रुपये की लागत वाले 'क्रैश कोर्स' की शुरुआत की गई है। इसके तहत 1 लाख युवाओं को महामारी कोविड-19 से सामना करने वाले मेडिकल वर्करों के सहयोग के लिए तैयार किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इसका शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। विशेष रूप से डिजाइन किए गए इस कोर्स के तहत युवाओं को 6 तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी। ये होंगे होम केयर सपोर्ट, बेसिक केयर सपोर्ट, एडवांस केयर सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट, सैंपल कलेक्शन सपोर्ट और मेडिकल इक्विपमेंट सपोर्ट।

3 माह में तैयार होगी 1 लाख युवाओं की टीम

महामारी से जूझ रहे देश में मानव संसाधन की कमी को पूरा करने के लिए इस कोर्स को शुरू किया गया है। इसका मकसद वर्तमान में अस्पतालों में तैनात मेडिकल फोर्स के सहयोग के लिए देश में करीब 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना है। 2-3 माह में पूरा होने वाले इस कोर्स के बाद तुरंत 1 लाख युवा काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे।

नि:शुल्क ट्रेनिंग, स्टाइपेंड के साथ स्किल इंडिया का सर्टिफिकेट

फ्रंटलाइन वर्करों के इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, उम्मीदवारों को निःशुल्क ट्रेनिंग, स्किल इंडिया का सर्टिफिकेट, भोजन व आवास सुविधा, काम पर प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड एवं प्रमाणित उम्मीदवारों को 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्राप्त होगा। कोविड-19 हेल्‍थकेयर फ्रंटलाइन वर्कर्स का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद उम्मीदवार डीएससी/एसएसडीएम की व्यवस्था के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य सुविधाओं व अस्पतालों में काम कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने इस ट्रेनिंग से उम्मीद जताई है कि कोविड-19 महामारी से से लड़ रही देश के हेल्थ सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा, 'हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। बीते 7 साल में देश में नए एम्स, नए मेडिकल कॉलेज, नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बल दिया गया है। इनमें से कई ने काम करना भी शुरु कर दिया है। मेडिकल शिक्षा और इससे जुड़े संस्थानों में रिफॉर्म को भी सपोर्ट किया जा रहा है।'

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