बाढ़ से मध्‍य प्रदेश, राजस्थान और बंगाल बेहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने संभाला मोर्चा, दिया मदद का भरोसा

बारिश और बाढ़ से बंगाल मध्य प्रदेश और राजस्थान बेहाल हैं। सैकड़ों लोग बाढ़ के चलते जहां-तहां फंसे हुए हैं तो अनेक लोग बेघर हो गए हैं। बारिश जनित हादसों की वजह से कई लोगों की जान चली गई है। कई पुल ढह गए हैं।

Krishna Bihari SinghWed, 04 Aug 2021 09:02 PM (IST)
बारिश और बाढ़ से बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान बेहाल हैं। सैकड़ों लोग बाढ़ के चलते जहां-तहां फंसे हुए हैं।

नई दिल्ली, जेएनएन। बारिश और बाढ़ से बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान बेहाल हैं। सैकड़ों लोग बाढ़ के चलते जहां-तहां फंसे हुए हैं तो अनेक लोग बेघर हो गए हैं। बारिश जनित हादसों की वजह से कई लोगों की जान चली गई है। कई पुल ढह गए हैं। अलबत्ता, सेना सहित कई संगठन बचाव में जुटे हुए हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोर्चा संभाले हुए हैं। मंगलवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात करने के बाद बुधवार को उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से टेलीफोन पर बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उधर, ममता बनर्जी और शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।

राजस्‍थान में 10 की मौत

राजस्थान में बारिश की वजह से हुए विभिन्न हादसों में बुधवार को 10 लोगों की मौत हो गई है। बूंदी जिले के केशवरायपाटन में मकान गिरने से एक ही परिवार के सात लोग दब गए। इनमें से तीन की मौत हो गई, जबकि चार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। केशवरायपाटन में ही चंबल नदी के पास बनी कच्ची सुरक्षा दीवार एक कच्चे घर पर गिर गई। इसमें सात लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के कारण राज्य के चार जिलों कोटा,बारां,बूंदी और धौलपुर के कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं।

राजस्‍थान में ली जाएगी सेना की मदद 

बूंदी जिले के देहीखेड़ा इलाके में एक रोड़वेज की बस बरसाती नाले में फंस गई। बस में करीब 30 यात्री सवार थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और रस्सों की सहायता से सवारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश से बाढ़ के हालात बन गए हैं। प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ली जाएगी।

ममता ने डीवीसी को ठहराया जिम्‍मेदार 

उधर, बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाढ़ को मानव जनित बताते हुए इसके लिए दामोदर वैली कारपोरेशन (डीवीसी) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पीएम मोदी से उसकी शिकायत भी की है। ममता ने कहा कि राज्य सरकार को सूचित किए बिना डीवीसी ने पानी छोड़ा, जिसके कारण ऐसे विकट हालात पैदा हुए हैं।

मध्‍य प्रदेश में भयावह हालात 

मध्य प्रदेश में ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में अब भी बाढ़ के हालात भयावह हैं। कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण मुरैना-भिंड में खतरा बढ़ रहा है। यहां के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ी बुलाई जा रही है। सिंध नदी का रौद्र रूप बरकरार है। बुधवार को दतिया और शिवपुरी जिले में एक-एक पुल ढह गया। भिंड में भी एक पुल के ढहने की आशंका जताई जा रही है। हालां‍कि शिवपुरी-श्योपुर में भीषण बाढ़ के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।

शिवराज ने किया हवाई सर्वे 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई सर्वे किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री का वितरण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। उधर, करैरा-नरवर में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए बबीना से आई सेना की बाढ़ नियंत्रण टुकड़ी ने बचाव अभियान शुरू कर दिया था। श्योपुर और शिवपुरी की बीच कूनो पुल टूटने से दोनों जिलों के बीच आवागमन बंद है। मध्‍य प्रदेश में 1281 गांव प्रभावित हैं जबकि 6220 व्यक्तियों को बचाया जा चुका है। 1060 व्यक्ति अब भी पानी से घिरे गांवों में हैं जिन्हें सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है।  

राहत और बचाव कार्य जारी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बाढ़ के हालात की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हरसंभव सहायता करेगी। अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि ग्वालियर-चंबल संभाग में केंद्रीय और राज्य आपदा बल की 35 टीमें, सेना के छह कॉलम (एक में अस्सी जवान), वायुसेना के पांच हेलिकाप्टर और 115 नावों से बचाव कार्य किया जा रहा है।

एमपी के गृहमंत्री को करना पड़ा एयरलिफ्ट

बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट कराने के बाद मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा को खुद भी एयरलिफ्ट होकर निकलना पड़ा। हुया यूं कि दतिया जिले के ग्राम कोटरा और उसके समीप गोरा चौकी पर कुछ लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिली थी। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा स्वयं वहां मोटरबोट लेकर पहुंच गए थे। उसके बाद वे उस जगह पहुंचे, जहां लोग बाढ़ में फंसे हुए थे। बोट चालक ने सभी लोगों को एक साथ निकालने में बोट पलटने का खतरा बताया। इसके बाद तुरंत सेना के हेलिकाप्टर को सूचना भेजी गई। कुछ देर बाद ही बचाव कार्य में लगा हेलिकाप्टर वहां पहुंच गया। उससे सभी को एयरलिफ्ट किया गया। इस दौरान जिस मोटरबोट से वे वहां पहुंचे थे, उस पर पेड़ गिर गया। एक तार भी उसमें फंस गया था, जिससे नाव नहीं चल पा रही थी, तब गृहमंत्री मिश्रा को भी एयरलिफ्ट करके सुरक्षित निकाला गया।

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