कोरोना को काबू करने का मध्य प्रदेश मॉडल अन्य राज्यों को दिखा सकता है राह, CM शिवराज ने PM मोदी को दी जानकारी

पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी। कोरोना को काबू करने का मध्य प्रदेश मॉडल देश के अन्य राज्यों को भी राह दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने के बाद अब टीकाकरण अभियान में भागीदार बनेंगे आपदा प्रबंधन समूह।

Shashank PandeyThu, 17 Jun 2021 09:03 AM (IST)
कोरोना संक्रमण को काबू करने का मध्य प्रदेश मॉडल।(फोटो: दैनिक जागरण)

भोपाल, जेएनएन। कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने का मध्य प्रदेश माडल देश के अन्य राज्यों को भी राह दिखा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में कोरोना पर काबू के लिए राज्य में किए गए अभिनव प्रयोगों की जानकारी दी। यह बताया कि संक्रमण की कड़ी ([चेन)] तो़ड़ने के लिए सारे फैसले जिला से लेकर ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समूहों ने लिए और उनका क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करवाया। अब तय किया गया है कि ये समूह आगे भी काम करते रहेंगे। इनका उपयोग अब टीकाकरण अभियान में किया जाएगा।

अन्य योजनाओं के लिए ये काम करते रहेंगे। शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि प्रदेश में कोरोना संकट के दौरान फैसले आपदा प्रबंधन समूहों के माध्यम से लिए जाने का असर यह हुआ कि इसके सदस्य क्रियान्वयन में सहयोगी की भूमिका में रहे। जन जागरूकता का काम इन्होंने किया। इस तरह संक्रमण को नियंत्रित करने में कामयाबी मिली। तीसरी लहर को रोकने के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं।

ये है कोरोना का मध्य प्रदेश मॉडल :

- प्रदेश सरकार ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिला, विकासखंड, ग्राम और वार्ड स्तर पर आपदा प्रबंधन समूहों का गठन किया था।

- इनकी लगातार बैठकें करके मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, रोको--टोको अभियान चलाने, शारीरिक दूरी का पालन करने और टीका लगवाने के लिए व्यक्तियों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

- कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने के लिए प्रतिबंध का स्वरूप भी आम सहमति से तय किया गया।

- होम आइसोलेशन व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए कमांड सेंटर बनाकर इसकी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। इससे संक्रमण की कड़ी तोड़ने में काफी मदद मिली।

- योग से निरोग अभियान के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता ब़़ढाने का काम किया गया।

उपचार और सहायता के लिए भी योजनाएं :

कोरोना के उपचार की दरों को नियंत्रित करने की व्यवस्था करने के साथ मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना लागू करके आयुष्मान भारत योजना के कार्डधारकों को निशुल्क इलाज की व्यवस्था लागू की गई। कोरोना से दिवंगत कर्मचारियों के स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति और विशेषष अनुग्रह राशि देने की योजना लागू की जा चुकी है। वहीं, कोरोना की वजह से जो बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन्हें आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ शिक्षा और निश्शुल्क राशन की व्यवस्था भी सरकार कर रही है।

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