25 हजार वेतन पाने वाला पटवारी निकला करोड़पति, एेसे हुअा मामले का खुलासा

इंदौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को खजराना हल्का नंबर 30 के पटवारी जाकिर हुसैन मंसूरी और मामा सादिक खान के घर सहित छह ठिकानों पर छापा मारा और करीब 5 लाख रुपए, सोने-चांदी के जेवरात और सात फ्लैट व मकान संबंधित दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई के दौरान शाजापुर में 80 बीघा जमीन होना सामने आया है।

अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर संपत्ति पटवारी ने मामा के नाम से खरीदी है। अधिकारी की मानें तो 25 हजार तनख्वाह पाने वाले पटवारी के पास 10-12 करोड़ की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त पुलिस को पटवारी मंसूरी के खिलाफ शिकायत मिली थी। एसपी दिलीप सोनी के नेतृत्व में संतोषसिंह भदौरिया, दिनेश पटेल, पीएस बघेल सहित अन्य अधिकारियों की छह टीमें बनाई गई। श्रीनगर नगर कांकड़ स्थित मकान पर सुबह 5.30 बजे दबिश दी। दरवाजा पटवारी ने ही खोला। उस दौरान घर में पत्नी, माता-पिता और बच्चे भी मौजूद थे।

इन संपत्तियों का हुअा खुलासा

दस्तावेज खंगालने पर एक मकान खजराना में, एक-एक फ्लैट श्रीनगर एक्सटेंशन और सिल्वर स्पि्रंग में, दो प्लॉट नौलखा क्षेत्र और दो मकान उज्जैन में होना पाया है। 2.80 लाख रुपये, 14 बैंक खाते, कुछ एफडी और 9-10 बीमा पॉलिसी के दस्तावेज, 250 ग्राम सोने के जेवरात जब्त किए गए। एक कार, एक एसयूवी और एक बाइक भी मिली है। लोकायुक्त पुलिस को पटवारी की कार से भी कुछ दस्तावेज मिले हैं।

70 बीघा जमीन के दस्तावेज मिले

सुबह 10.15 बजे पटवारी को अधिकारी घर से बाहर लगाए और एसयूवी से कागजात निकाले। ये फाइलें जमीन से जुड़े प्रकरणों की है, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया। पटवारी के घर से जमीन के कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनके आधार पर 70 बीघा जमीन शाजापुर में पता चली है। इसमें सिर्फ 10 बीघा जमीन पुश्तैनी बताई गई है। नेमावर रोड स्थित दो बीघा जमीन के कागज भी हैं। अधिकारियों के मुताबिक पटवारी ने जितनी भी संपत्ति बनाई है, ज्यादातर उसके मामा के नाम पर खरीदी गई है, लेकिन मामा इनकार कर रहा है। कार्रवाई में एक डायरी जब्त की गई है, जिसमें जमीन से जुड़ा हिसाब-किताब लिखा है।

2005 से कर रहा नौकरी

पटवारी जाकिर 2005 से नौकरी में आया है। शुरुआत में 5-7 हजार रुपये वेतन मिलता था। वर्तमान में खजराना हल्का नंबर 30 पर पदस्थापना है। वर्तमान में 25 हजार रुपये वेतन मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक 13 साल की नौकरी में लगभग 35-40 लाख का वेतन बनता है। लोकायुक्त अधिकारी भदौरिया के मुताबिक पटवारी ने श्रीनगर कांकड़ में किराए से रहना बताया है।

बैंक को लिखेंगे पत्र

पटवारी की संपत्ति और 14 बैंक खातों की जानकारी लगी है। मगर अधिकारी बैंक में जमा राशि के बारे में अभी नहीं बता पाए हैं। इसके लिए बैंक प्रबंधन को पत्र लिखा जाएगा। संपत्ति का वर्तमान मूल्यांकन होना बाकी है। मगर अधिकारियों के मुताबिक लगभग 10 करोड़ के ऊपर के मकान-फ्लैट और जमीन होना बताया है।

बैंक रिकवरी एजेंट है मामा

पटवारी का मामा सादिक खान श्रीनगर एक्सटेंशन के एक फ्लैट में रहता है। वह एक राष्ट्रीयकृत बैंक के लिए रिकवरी एजेंट का काम करता है। कार्रवाई में 1 लाख 90 हजार रुपये मिले हैं। मामा के परिवार के पास एक कार, बोलेरो, बाइक और स्कूटी है।

12 भू-अधिकार डायरी, छह पासबुक, दो कि सान क्रेडिट कार्ड जब्त

लोकायुक्त की एक टीम शाजापुर जिले के बोलाई निवासी उसके मामा के घर पहुंची। गुरुवार सुबह लगातार 3 घंटे कार्रवाई हुई। इंदौर लोकायुक्त के निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में एक टीम गुरुवार सुबह 6.35 बजे शास्त्रीनगर बोलाई निवासी सादिक खां व भाई इशाक अली के आवास पर पहुंची। लोकायुक्त ने सादिक और इशाक को धारा 13 (1) बी, 3(2) पीसी एक्ट 1988 और 120 बी आईपीसी की धारा में आरोपित बनाया।

टीम दोनों के घरों से 12 भू-अधिकार पासबुक, छह अलग-अलग बैंकों की पासबुक, दो कि सान क्रेडिट कार्ड मय भू-अधिकार पासबुक के और कृषि उपज मंडी सारंगपुर रोड जिला राजगढ़ के बिल 4 पृष्ठों व कु छ महत्वपूर्ण दस्तावेजों के तीन बंडल जब्त कर साथ ले गई।निरीक्षक चौधरी ने बताया इंदौर में इनके रिश्तेदार जाकिर खां पटवारी हैं, जो मूलत: ग्राम रंथभंवर जिला शाजापुर का निवासी है। इसके संबंध में यह तलाशी ली गई। 

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