जानिए, देश में कोरोना संक्रमण के कारण किन-किन सांसदों और विधायकों की हुई मौत

प्रणब मुखर्जी, सुरेश अंगड़ी, चेतन चौहान की फाइल फोटो।
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 06:21 PM (IST) Author: Arun Kumar Singh

 नई दिल्‍ली, ऑनलाइन डेस्‍क। देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को एम्‍स में इलाज के दौरान 65 वर्षीय रेल राज्‍य मंत्री सुरंश अंगड़ी की मौत हो चुकी है। कांग्रेस नेता और ओडिशा के पूर्व मंत्री एसके मतलूब अली का गुरुवार को भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। कर्नाटक के बीदर जिले में बसव कल्याण निर्वाचन क्षेत्र के विधायक नारायण राव का कोरेाना संक्रमण के कारण गुरुवार दोपहर को निधन हो गया। उन्हें एक सितंबर को मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आइये जानते हैं अब तक कोरोना संक्रमण के कारण किन-किन सांसदों और विधायकों की मौत हुई है।  

 कोरोना के कारण अंगड़ी की तरह अब तक पूर्व राष्ट्रपति, चार सांसद और कई विधायक जान गंवा चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नई दिल्‍ली स्‍थित सेना के आर एंड आर अस्पताल में ब्रेन सर्जरी के लिए भर्ती हुए थे, जहां वो कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 31 अगस्त को उनकी मौत हो गई। 

सांसदों की मौत

आंध्र प्रदेश में तिरुपति से सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद की चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 16 सिंतबर को कोरोना के कारण मौत हो गई थी। 64 साल के दुर्गा प्रसाद नेल्लूर में गुडुर से विधायक रह चुके थे। इसी दौरान राज्यसभा सांसद अशोक गस्ती का भी कोरोना वायरस के चलते निधन हो गया। अशोक गस्ती भाजपा के कर्नाटक से सांसद थे। 55 साल के गस्ती हाल ही में राज्यसभा सांसद चुने गए थे। वह एक बार भी संसद नहीं पहुंचे थे। इससे पहले 28 अगस्त को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से कांग्रेस सांसद एच वसंतकुमार जान गंवा बैठे। 70 साल के वसंतकुमार को कोरोना संक्रमण होने के चलते 10 अगस्त को चेन्नई में भर्ती कराया गया था। महाराष्ट्र के पूर्व सांसद हरिभाऊ जावले की भी कोरोना के कारण मौत हो गई।

कोरोना से विधायकों की मौत

कोरोना वायरस के कारण अब तक यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में कई विधायकों की मौत हो गई है। उत्तर प्रदेश में एक माह में ही दो कैबिनेट मंत्रियों की जान चली गई। योगी कैबिनेट में एकमात्र महिला मंत्री कमल रानी वरुण की कोरोना के कारण मौत हो गई थी। कमल रानी उत्‍तर प्रदेश की की तकनीकी शिक्षा मंत्री थीं। घाटमपुर विधानसभा सीट से विधायक थीं।   

उनके बाद अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेटर से नेता बने यूपी के नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान की भी कोरोना के कारण मौत हो गई। चेतन चौहान को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था क्योंकि कोरेाना के चलते उनकी किडनी में समस्या आ गई थी। पहले उनका लखनऊ के पीजीआइ में इलाज हुआ, फिर गुरुग्राम के मेदांता अस्‍पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। चेतन चोहान अमरेाहा से विधायक थे।    

बिहार में भाजपा एमएलसी सुनील कुमार सिंह की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को भी जून में कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ था। हालांकि, वो वायरस से ठीक हो गए थे लेकिन, नई दिल्‍ली एम्‍स में इलाज के दौरान 13 सितंबर को उनका निधन हो गया। 

पश्चिम बंगाल में तृणमूल विधायक समरेश दास और पार्टी में उनके सहकर्मी तमोनाश घोष की भी वायरस के कारण मौत हो गई। पूर्वी मिदनापुर में एगरा से विधायक समरेश दास 76 साल के थे। 60 साल के तमोनाश घोष दक्षिण 24 परगना ज़िले में फाल्टा से विधायक थे। दोनों की मौत कोरेाना के चलते हो गई। 76 साल के सीपीआईएम नेता श्यामल चक्रबर्ती की भी कोरेाना के चलते मौत हो गई। वह परिवहन मंत्री रह चुके थे। 

मध्य प्रदेश से कांग्रेसी विधायक गोवर्धन डांगी की 15 सितंबर को कोरोना के कारण मौत हो गई थी। गोवर्धन डांगी राजगढ़ में ब्यावरा से विधायक थे। वहीं, तमिलनाडु में डीएमके नेता और अंबाझगन चेपुक-तिरुवल्लीकेनी से विधायक जे अंबाझगन की जून में कोरोना के कारण जान चली गई थी। 

 लेह से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मंत्री पी नामग्याल की भी जून में मौत हो गई। वो मौत के बाद कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। 83 साल के पी नामग्याल राजीव गांधी सरकार में मंत्री रहे थे। पुणे में पंढारपुर से पाँच बार विधायक रहे सुधारक परिचारक की भी अगस्त महीने में कोरोना के कारण मृत्यु हो गई। गोवा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेश अमोनकर की 06 जुलाई को कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। 

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