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Agricultural Infrastructure Fund: जानें- क्या है कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड, इससे किसानों का क्या होगा फायदा

Agricultural Infrastructure Fund: जानें- क्या है कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड, इससे किसानों का क्या होगा फायदा
Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 02:24 PM (IST) Author: Sanjeev Tiwari

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपए का फंड जारी किया है। यह वह फंड का जिसका इस्तेमाल कृषि संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने ऐग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए एक लाख करोड़ की मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल फसल कटाई के बाद कृषि संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जाएगा। इसकी मदद से किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज तैयार करना, कलेक्शन सेंटर बनाना, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाना जैसे काम किए जाएंगे।

कृषि से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिया जाएगा लोन

इस एक लाख करोड़ रुपए के एग्री इंफ्रा फंड का इस्तेमाल गांवों में कृषि क्षेत्र से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में किया जाएगा। इस फंड से कोल्ड स्टोर, वेयरहाउस, साइलो, ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट्स लगाने के लिए लोन दिया जाएगा।

जानें- एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के बारे में 

-कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड कोविड-19 से निपटने के लिए घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का हिस्सा है।

-इस फंड के तहत 10 साल तक वित्तीय सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस फंड से खेती से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा।

-इस फंड को जारी करने का उद्देश्य गांवों में निजी निवेश और नौकरियों को बढ़ावा देना है।

-इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ओर से एक लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा। यह लोन प्राइमरी एग्री क्रेडिट सोसायटी, किसानों के समूह, किसान उत्पाद संगठनों, एग्री एंटरप्रिन्योर, स्टार्टअप्स और एग्रीटेक प्लेयर्स को दिया जाएगा।

-मौजूदा वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपए का लोन बांटा जाएगा। अगले तीन वित्त वर्ष में 30-30 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा।

-इस सुविधा के तहत लोन पर सालाना ब्याज में 3 फीसद छूट दी जाएगी। यह छूट अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर होगी। ब्याज छूट का लाभ ज्यादा से ज्यादा 7 साल तक मिलेगा।

इससे किसानों का क्या होगा?

अगर कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा तो किसान के पास फल, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों के रखने के लिए बेहतर भंडारण की सुविधा होगी। कोल्ड स्टोरेज में किसान अपनी फसल रख पाएंगे। इससे फसलों की बर्बादी कम होगी और उचित समय पर उचित कीमत के साथ किसान अपनी फसल बेच पाएंगे। फूड प्रोसेसिंग यूनिट लग जाने से भी किसानों का बहुत फायदा होगा और हर साल होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।

जानें- इसके पीछे क्या है सरकार का उद्देश्य

इसकी मदद से किसानों को उनकी फसल के लिए ज्यादा पैसे मिलेंगे और उनकी इनकम बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार किसानों की इनकम दोगुना करने के वादे पर बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। एक लाख करोड़ का फंड अलग-अलग वित्तीय संस्थानों की मदद से इकट्ठा किया जाएगा। 12 में 11 पब्लिक सेक्टर बैंक पहले ही सहमति पर साइन कर चुके हैं।

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