Pulwama Encounter: सेना ने मार गिराए तीन आतंकी, मेजर समेत चार जवान शहीद, DIG घायल

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। Pulwama Encounter, सुरक्षा बलों ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिल पर हुए आतंकी हमले का पहला बदला ले लिया है। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में बीती रात से जारी मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीआईजी अमित कुमार और सेना के ब्रिगेडियर घायल हुए हैं। पुलवामा के पिंगलेना गांव में हुए मुठभेड़ में साउथ कश्मीर के डीआईजी अमित कुमार, भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत कई अन्य सैन्यकर्मी घायल हुए हैं। वहीं पिंगलेना गांव में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और पैरा फोर्सेज की टीम ने अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के दो टॉप कमांडर भी शमिल हैं।

मारे गए आतंकियों में पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड कामरान गाजी भी शामिल है। मारे गए दूसरे आतंकी का नाम हिलाल बताया जा रहा है, जो की स्थानीय युवा है।

मेजर समेत 4 जवान शहीद, एक जख्मी
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पिंगलिना इलाके में देर रात शुरू हुई आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ सुबह भी जारी रही। इस मुठभेड़ में एक मेजर समेत सेना के चार जवान शहीद हो गए।लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर आैर डीआइजी रेंक के एक पुलिस अधिकारी सहित पांच सुरक्षाकर्मियों के जख्मी होने की भी सूचना है। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहीद जवान 55 राष्ट्रीय राइफल्स के थे। जो जवान इस मुठभेड़ में शहीद हुए हैं उनमें मेजर वीएस डोंडियाल, हवलदार शिवराम, सिपाही अजय कुमार और सिपारी हरि सिंह शामिल हैं। वहीं, मठभेड़ के दौरान क्रास फायरिंग की चपेट में आने से एक नागरिक भी मारा गया है।

जिस घर में आतंकी छिपे थे, उसे उड़ाया
पिंगलिना इलाके में 2-3 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इस पूरे इलाके की घेराबंदी की। इलाके को घेरकर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस बीच कहा जा रहा है कि सेना ने जैश के दो आतंकियों को मार गिराया है। यह भी सूचना सामने आई है कि जिस घर में आतंकी छिपे थे, उसे सेना ने धमाके से उड़ा दिया है। 

Pulwama Terror Attack के मास्टरमाइंड ढेर!
एनकाउंटर के बाद पुलवामा में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बीच प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलवामा और उसके साथ सटे इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है। कहा जा रहा है कि पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड गाजी रशीद और कामरान को सेना ने घेराकर मार गिराया है। दोनों आतंकी जैश के टॉप कमांडर थे। हालांकि अबतक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। 

मुठभेड़ कब-कैसे और कितने बजे शुरू हुई
यहां मिली जानकारी के अनुसार, आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे सेना की 55 आरआर, राज्य पुलिस विशेष अभियान दल एसओजी और सीआरपीएफ के एक संयुक्त कार्यदल ने पिंगलिना में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी लेते हुए जवान गांव में मस्जिद से कुछ दूरी पर एक मोहल्ले में पहुंचे, तो वहां छिपे आतंकियों ने उन्हें देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों ने जवानों की घेराबंदी तोड़ भागने के लिए राइफल ग्रेनेड और यूबीजीएल भी दागे। जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। सुबह साढ़े सात बजे तक इस मुठभेड़ में एक मेजर डीएस डोंडियाल, हैड कांस्टेबल सेवा राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरी सिंह शहीद हो गए। एक अन्य सैन्यकर्मी गुलजार मोहम्मद गंभीर रुप से जख्मी हो गया है,उसे उपचार के लिए सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग की चपेट में मुश्ताक अहमद नाम के एक नागरिक की भी गोली लगने से मौत हुई है। उसके बारे बताया जाता है कि आतंकी उसके ही मकान में छिपे थे। इस बीच पुलवामा एनकाउंटर के बाद शोपियां के क्रवोरा गांव में कासो (cordon and search operation) लागू किया गया है।

कौन है आतंकी कामरान?

रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ के जवान शहीद
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों के साथ चल रही मुठभेड़ में रेवाड़ी निवासी सिपाही हरिसिंह भी शहीद हुए हैं। महेंद्रगढ़ जिले की सीमा से सटे झुंझुनू जिले के गांव टीबा बसई के हवलदार शिवराम ने भी इस हमले में शहादत दी है। दोनों 55 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थे। सैन्य अधिकारियों ने जागरण को बताया कि अभी जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर रवाना किए जाएंगे।

पुंछ में PAK ने तोड़ा सीजफायर
एक ओर पुलवामा में आतंकियों और सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हो रही है। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान भी अपनी नापाक हरकतों को जारी रखे हुए हैं। बीती रात पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान ने सीज फायर का उल्लंघन किया है। सीमा पर हालात को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के पुंछ से रावकोट (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) तक सीमा पार बस सेवा को आज के लिए निलंबित कर दिया गया है। 

पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवान शहीद
बता दें कि पुलवामा के लेथपोरा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों की ओर से सर्चा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस हमले के बाद पुलवामा के आसपास के करीब 15 गांवों को घेकर कासो (सर्च ऑपरेशन) चलाया गया था। 14 फरवरी को हुए इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ की 40 जवान शहीद हो गए हैं। पुलवामा आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में आक्रोश है।

अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा हटी
शहादत से देशभर में पैदा हुए आक्रोश के बाद सरकार ने अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा भी वापस ले ली है। जिन अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली गई है उसमें- ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (APHC) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक, शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन, फजल हक कुरैशी और अब्दुल गनी बट शामिल हैं।

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