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Video : एलएसी पर वायुसेना ने फ‍िर दिखाई ताकत, सुखोई-30 और मिग-29 ने भरी उड़ान

नई दिल्‍ली, एएनआइ। चीन के साथ जारी तनाव के बीच भारतीय वायुसेना ने फिर एक बार पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर अपनी ताकत दिखाई है। वायुसेना ने अपने अग्र‍िम एयरबेस पर शनिवार को अभ्‍यास किया जिसके तहत उसके सुखोई Su-30MKI और मिग 29 विमानों के साथ अपाचे हेलिकॉप्टर भी आसमान में उड़ान भरते नजर आए। इस ड्रिल के साथ ही भारतीय वायुसेना ने चीन को संदेश दिया कि वह किसी भी गुस्‍ताखी का मुकम्‍मल जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

गलवन घाटी में बीते 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद भारतीय वायुसेना ने सीमा पर अपने विमानों तैनात कर दिया था। अब अकसर ये विमान सीमा के पास उड़ान भरते देखे जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना का कहना है कि वह किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर पल तैयार है। बता दें कि अभी कल ही शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख पहुंचकर जवानों से मुलाकात की थी और उनका हौसला बढ़ाया था। इसके ठीक दूसरे दिन वायुसेना का यह अभ्‍यास दुश्‍मन में खौफ पैदा करने वाला है।

समाचार एजेंसी की टीम ने जब अग्रिम एयरबेस का दौरा किया तो उसने वहां अमेरिकी सी-17 और सी-130जे के साथ वहां रूसी इल्युशिन-76 और एंटोनोव-32 परिवहन विमान भी देखे। इन परिवहन विमानों का इस्तेमाल दूरस्थ स्थानों से जवानों और उपकरणों को लाकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनाती के लिए किया जा रहा है।इस मौके पर एक स्क्वाड्रन लीडर ने कहा कि इस बेस पर तैनात वायुसेना का हर फाइटर पायलट पूरी तरह से प्रशिक्षित और सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। हमारा जोश हाई है...

मौजूदा वक्‍त में एलएसी पर चीनी सेना की तैनाती को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने भी अपने अग्रिम एयरबेस पर विमानों की संख्‍या बढ़ाई है। भारतीय वायुसेना ने सुखोई एमकेआई-30, मिग-29 लड़ाकू विमान और अपाचे एवं चिनूक हेलिकॉप्‍टर की तैनाती की है। रूसी एमआइ-17वी5 हेलिकॉप्टरों के जरिये सेना और आइटीबीपी के जवानों को अग्रिम इलाकों में पहुंचाया जा रहा है। पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में प्रमुख युद्धक हेलिकॉप्टर अपाचे लगातार उड़ान भर रहे हैं। इन अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने चिनूक हेलिकॉप्टरों के साथ इस इलाके में अहम भूमिका निभाई है। 

भारत-चीन सीमा के पास फॉरवर्ड एयरबेस पर वायुसेना के एक अन्‍य विंग कमांडर ने कहा कि हमारे पास सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए संसाधन हैं। भारतीय वायुसेना ऑपरेशनल टास्क करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हवाई क्षमता युद्ध का बेहद शक्तिशाली पहलू है और वर्तमान में ज्यादा प्रासंगिक है। हवाई ताकत इस क्षेत्र में युद्धक और सहायक दोनों भूमिकाओं में अहम होगी। सभी चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे पास सभी तरह के संसाधन हैं।

लद्दाख में LAC पर चीन के साथ जारी तनाव और सामरिक चुनौती को देखते हुए हाल ही में सरकार ने तीनों सेनाओं की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा करने का फैसला किया है। इसके तहत वायुसेना के लिए 33 लड़ाकू विमानों के साथ सेना और नौसेना के लिए लंबी दूरी की क्रूज और अस्त्र मिसाइलें खरीदने का निर्णय लिया गया है। लड़ाकू जेट विमानों में मिग-29 और सुखोई-30 के बेड़े में इजाफा किया जाएगा। यही नहीं सरकार शक्तिशाली स्पाइस-2000 बम के एडवांस वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है। ये बम किसी भी प्रकार की बिल्डिंग और बंकर को तबाह करने में सक्षम हैं।

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