भारत कोविशील्ड डोज के अंतराल की समीक्षा करेगा, नए आंकड़ों के आधार पर जल्द उठाए जाएंगे उचित कदम

कोरोना महामारी और टीकाकरण संबंधी स्थिति को बहुत परिवर्तनशील बताते हुए कहा गया आंशिक टीकाकरण बनाम पूर्ण टीकाकरण के प्रभाव के बारे में सामने आ रही रिपोर्ट पर भी विचार किया जा रहा है। फिर कहा वैज्ञानिक प्रमाण के आधार पर बढ़ाया गया था अंतराल।

Nitin AroraThu, 17 Jun 2021 01:14 AM (IST)
भारत कोविशील्ड डोज के अंतराल की समीक्षा करेगा, नए आंकड़ों के आधार पर जल्द उठाए जाएंगे उचित कदम

नई दिल्ली, प्रेट्र। सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआइ) के कोरोना संबंधी कार्यसमूह के प्रमुख डा. एनके अरोड़ा ने कहा है कि भारत कोविशील्ड टीके की डोज के अंतराल की समीक्षा करेगा और सामने आ रहे नए आंकड़ों के आधार पर उचित कदम उठाएगा।

कोरोना महामारी और टीकाकरण संबंधी स्थिति को 'बहुत परिवर्तनशील' बताते हुए अरोड़ा ने कहा कि आंशिक टीकाकरण बनाम पूर्ण टीकाकरण के प्रभाव के बारे में सामने आ रही रिपोर्ट पर भी विचार किया जा रहा है।

अरोड़ा ने कहा कि कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतराल को चार-छह हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने का फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया था। उन्होंने आगे कहा, 'कोविड-19 और टीकाकरण बहुत परिवर्तनशील हैं। यदि कल टीका निर्माण तकनीक (वैक्सीन प्लेटफॉर्म) में कहा जाता है कि टीके की डोज के बीच अंतराल कम करना लोगों के लिए फायदेमंद है, भले ही इससे महज पांच या दस फीसद ही अधिक लाभ मिल रहा हो, तो समिति गुण-दोष तथा समझ के आधार पर इस बारे में फैसला लेगी। वहीं दूसरी ओर, यदि ऐसा पता चलता है कि वर्तमान फैसला सही है तो हम इसे जारी रखेंगे।'

ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने अप्रैल के अंतिम हफ्ते में आंकड़े जारी कर बताया था कि टीके की डोज के बीच 12 हफ्ते का अंतराल होने पर इसका प्रभाव 65 से 88 फीसद के बीच रहता है।

अरोड़ा ने कहा, 'इसी वजह से ब्रिटेन अल्फा स्वरूप के संक्रमण के प्रकोप से बाहर आ सका। वहां टीके की डोज के बीच अंतर 12 हफ्ते रखा गया था। हमें भी लगा कि यह एक अच्छा विचार है और इस बात के बुनियादी वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं कि अंतराल बढ़ाने पर एडेनोवेक्टर टीके बेहतर परिणाम देते हैं। इसलिए टीके की डोज के बीच अंतराल बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते करने का 13 मई को फैसला किया गया।'

अंतराल बढ़ाने पर विशेषज्ञों में नहीं थे मतभेद

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया है कि कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतराल बढ़ाने को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों में असहमति थी। जिन तीन लोगों की असहमति की बात कही जा रही है उनमें से किसी ने भी समूह की बैठक में असहमति नहीं जताई थी। इनमें डा. मैथ्यू वर्गीज, डा. एमडी गुप्ते और डा. जेपी मुलियिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि डा. वर्गीज ने अपनी कथित असहमति के मुद्दे पर संवाददाता से बात करने से इन्कार कर दिया था।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज किया है। उन्होंने लिखा है, 'कोविशील्ड की डोज के बीच अंतराल बढ़ाने का फैसला पारदर्शी और वैज्ञानिक सुबूतों पर आधारित है, लेकिन अतुल्य प्रतिभा के धनी कांग्रेस युवराज राहुल गांधी के ज्ञान के सामने तो आर्यभट्ट और अरस्तु जैसे विद्वान भी नतमस्तक हो जाएं। वैक्सीन पर भ्रम फैलाने का एजेंडा अब नहीं चलेगा।' राहुल गांधी ने ट्वीट कर वैक्सीन को लेकर सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था।

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