इलेक्टि्रक वाहनों के निर्माण में दुनिया में अव्वल होगा भारत, पेट्रोल-डीजल वाहन के स्तर पर आएंगी इसकी कीमतें

इलेक्टि्रक वाहनों के निर्माण में दुनिया में अव्वल होगा भारत। फाइल फोटो।

अगले छह महीने में लिथियम आयन बैट्री निर्माण पूरी तरह से देश में ही होने लगेगा। इसके दम पर आने वाले दिनों में भारत इलेक्टि्रक वाहनों के निर्माण में दुनियाभर में अव्वल होगा। अगले दो साल में ऐसी गाड़‍िया भी पेट्रोल और डीजल वाहनों के स्तर पर आ जाएंगी।

Ramesh MishraSun, 18 Apr 2021 08:17 PM (IST)

नई दिल्ली, एजेंसी। अगले छह महीने में लिथियम आयन बैट्री निर्माण पूरी तरह से देश में ही होने लगेगा। इसके दम पर आने वाले दिनों में भारत इलेक्टि्रक वाहनों के निर्माण में दुनियाभर में अव्वल होगा। ई-कॉमर्स फर्म अमेजन के संभव सम्मेलन को वर्चुअल प्लेटफार्म के जरिये संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को यह बात कही। 

इलेक्टि्रक वाहन के निर्माण में आगे बढ़ रहा है भारत

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय गडकरी ने कहा कि इलेक्टि्रक वाहन के निर्माण में भारत आगे बढ़ रहा है। कुछ समय में हम नंबर एक निर्माता होंगे। सभी प्रतिष्ठित ब्रांड आज भारत में मौजूद हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभा रहे गडकरी ने स्वदेशी बैट्री टेक्नोलॉजी इलेक्टि्रक वाहनों को परिवहन का सर्वाधिक प्रभावी माध्यम बनाएगी। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने तेजी से क्षमता बढ़ाई है। मुझे विश्वास है कि छह महीने के भीतर हम 100 फीसद लिथियम आयन बैट्री भारत में बनाने में सक्षम होंगे। लिथियम की कोई कमी नहीं है। 

पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईधन की नहीं रह जाएगी जरूरत

गडकरी ने बताया कि सरकार हाइड्रोजन फ्यूल सेल (एचसीएफ) टेक्नोलॉजी लांच करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसमें हवा में उपस्थित हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक क्रिया के इलेक्टि्रकल एनर्जी पैदा की जाती है। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईधन की जरूरत नहीं रह जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सालाना आठ लाख करोड़ रुपये का क्रूड आयात करता है। अगले चार-पांच साल में यह दोगुना होने जा रहा है। इससे अर्थव्यवस्था पर बहुत प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में ऊर्जा के बेहतर और वैकल्पिक स्रोत की जरूरत है। ई-वाहन प्रदूषण मुक्त परिवहन को विकसित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

दो साल में इलेक्टि्रक वाहनों की कीमत कम होगी

गडकरी ने कहा कि अगले दो साल में इलेक्टि्रक वाहनों की कीमत कम होगी और ऐसी गाडि़यां भी पेट्रोल और डीजल वाहनों के स्तर पर आ जाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय मानक वाले इलेक्टि्रक वाहन बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि वह भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को दुनिया में नंबर एक पर लाना चाहते हैं। इसके लिए एथनॉल, मेथनॉल, बायो सीएनजी, इलेक्टि्रक और हाइड्रोजन फ्यूल सेल जैसी टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

कृषि क्षेत्र को ऊर्जा की ओर लाने की जरूरत

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि कृषि क्षेत्र का रुख ऊर्जा और बिजली सेक्टर की ओर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'हमारे पर चीनी का सरप्लस है, गेहूं का सरप्लस है, चावल सरप्लस है और एक परेशानी यह भी है कि हमारे यहां न्यूनतम समर्थन मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों और बाजार मूल्य से ज्यादा है।' उन्होंने इस सरप्लस से ऊर्जा निर्माण की दिशा में काम करने की वकालत की। अभी ऑटोमोबाइल सेक्टर 7.5 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें से निर्यात की हिस्सेदारी 3.5 लाख करोड़ रुपये है। 

ई-कॉमर्स सेक्टर में कुशल लोगों की जरूरत महेंद्र नाथ पांडेय

संभव सम्मेलन में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स सेक्टर में कुशल लोगों की जरूरत है। इस सेक्टर में छोटे एवं मझोले उद्यमों के लिए अपार संभावनाएं हैं। आज की तारीख में ग्राहक वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा मंत्रालय कौशल विकास की दिशा में काम कर रहा है, ताकि कुशल लोगों की मांग को पूरा किया जा सके।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और मशीन लर्निग जैसे क्षेत्रों में कौशल की मांग बढ़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तीसरे चरण की शुरुआत की जानकारी भी दी।

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