किसी भी सूरत में लाकडाउन नहीं चाहता इंडिया इंक, कहा- ऐसे कदमों से प्रभावित होगा उत्पादन

75 फीसद सीईओ ने कहा कि आंशिक लाकडाउन से भी प्रभावित होंगी आर्थिक गतिविधियां

लाकडाउन की जगह घरेलू उद्योग जगत चाहता है कि स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाए। इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से कोविड कर्फ्यू और माइक्रो कंटेनमेंट (स्थानीय स्तर पर रोकथाम) की रणनीति का भी सीआइआइ ने समर्थन किया है।

Neel RajputSun, 11 Apr 2021 10:15 PM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर के बाद कई राज्यों ने आंशिक लाकडाउन की शुरुआत कर दी है, लेकिन यह तरीका उद्योग जगत को नहीं भा रहा है। इंडिया इंक का मानना है कि किसी भी तरह का लाकडाउन इकोनॉमी में हो रही रिकवरी को प्रभावित करेगा। उद्योग चैंबर सीआइआइ की तरफ से कराए गए सर्वेक्षण में 70 फीसद भारतीय सीईओ ने कहा कि आंशिक लाकडाउन भी श्रमिकों की आवाजाही और वस्तुओं की आपूर्ति को प्रभावित करेगी। 60 फीसद सीईओ ने इससे उत्पादन प्रभावित होने की बात कही।

लाकडाउन की जगह घरेलू उद्योग जगत चाहता है कि स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाए। इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से कोविड कर्फ्यू और माइक्रो कंटेनमेंट (स्थानीय स्तर पर रोकथाम) की रणनीति का भी सीआइआइ ने समर्थन किया है। सीआइआइ का कहना है कि अब हमारे पास कोविड महामारी को लेकर ज्यादा वैज्ञानिक डाटा उपलब्ध है और भारत में टीकाकरण भी तेजी से चल रहा है। ऐसे में जान बचाने के साथ-साथ जीविका बचाना भी हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए।

सीआइआइ ने कोविड की दूसरी लहर को लेकर देश के 710 सीईओ के बीच एक सर्वेक्षण किया है। 96 फीसद सीईओ ने कहा है कि बेहद सख्त सुरक्षा मानक आंशिक लाकडाउन से बेहतर विकल्प हैं। इन्होंने यह भी कहा है कि वे किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने को तैयार हैं और इसकी तैयारी कर चुके हैं। 67 फीसद सीईओ ने कहा है कि वे सरकार के साथ मिलकर देश की पूरी वयस्क आबादी के टीकाकरण में सहयोग को तैयार हैं।

सर्वे के बारे में सीआइआइ के नवनियुक्त प्रेसिडेंट टीवी नरेंद्रन ने कहा कि कड़े स्वास्थ्य व सुरक्षा नियम अभी जरूरी हैं, लेकिन सामाजिक समारोहों पर कड़े प्रतिबंध लगाने संबंधी नियम उद्योग व कारोबार की सामान्य प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले नहीं होने चाहिए। हम सरकार के साथ हैं, ताकि जीवन के साथ जीविका का भी बचाव हो सके। 18 वर्ष से ज्यादा आयु के सभी लोगों के टीकाकरण में भी उद्योग जगत पूरा समर्थन देगा। सर्वे में 57 फीसद सीईओ ने कहा कि उनके पास किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कच्चा माल है। 31 फीसद ने कहा कि उन्होंने नाइट कर्फ्यू की स्थिति को देखते हुए अपनी फैक्ट्री में ही कामगारों के ठहरने का इंतजाम किया हुआ है।

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