विदेश व्यापार को नई ऊंचाई देने की कवायद; आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और ईयू से वार्ता के लिए तैयार हो रही जमीन

विदेश व्यापार को नई ऊंचाई देने के लिए भारत विकसित देशों के साथ चालू वित्त वर्ष 2021-22 के अंत हर हाल में मिनी ट्रेड डील कर लेना चाहता है। इस दिशा में भारत सफल भी होता दिख रहा है। यूएई के साथ व्यापार समझौते के लिए वार्ता शुरू हो गई।

TaniskFri, 24 Sep 2021 08:43 PM (IST)
भारत की आस्ट्रेलिया के साथ 30 सितंबर से व्यापार वार्ता।

राजीव कुमार, नई दिल्ली। विदेश व्यापार को नई ऊंचाई देने के लिए भारत विकसित देशों के साथ चालू वित्त वर्ष 2021-22 के अंत हर हाल में मिनी ट्रेड डील कर लेना चाहता है। इस दिशा में भारत सफल भी होता दिख रहा है। गत गुरुवार से यूएई के साथ व्यापक व्यापार समझौते के लिए वार्ता शुरू हो गई। वहीं आगामी 30 सितंबर से आस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते के लिए वार्ता शुरू होने जा रही है। यूएई के साथ भारत कांप्रिहेंसिव इकोनामिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीपा) करने के लिए वार्ता कर रहा है तो आस्ट्रेलिया के साथ भारत कांप्रिहेंसिव इकोनामिक को-आपरेशन एग्रीमेंट (सीका) के लिए वार्ता शुरू करेगा। सितंबर के आखिरी सप्ताह में आस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डेन टेहन भारत आ रहे हैं। आगामी नवंबर से भारत ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करेगा जिसके लिए दोनों देशों के बीच रजामंदी हो चुकी है।

वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक जल्द ही यूरोपीय यूनियन (ईयू) के साथ भी एफटीए को लेकर वार्ता शुरू हो सकती है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। लेकिन अमेरिका के साथ फिलहाल व्यापार समझौते को लेकर वार्ता शुरू करने पर कोई रजामंदी बनती नहीं दिख रही है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार बनने से पहले अमेरिका और भारत के बीच मिनी ट्रेड डील को लेकर पूरी तैयारी हो चुकी थी। लेकिन नई सरकार के बाद माहौल बदल गया और भारत की इच्छा के बावजूद अमेरिका की नई सरकार की तरफ से इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक फिलहाल अमेरिका भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर उत्सुक नहीं दिख रहा है।

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक भारत हर हाल में अगले साल मार्च से पहले आस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ कम से कम मिनी ट्रेड डील कर लेना चाहता है ताकि व्यापक समझौते के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके। वहीं यूएई के साथ मार्च तक सीपा होने की पूरी संभावना है। आस्ट्रेलिया से भारत आयात अधिक करता है और निर्यात कम करता है। गत वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 4.04 अरब डालर का आस्ट्रेलिया को निर्यात किया था जबकि आस्ट्रेलिया से भारत ने इस अवधि में 8.24 अरब डालर का आयात किया।

अभी भारत जेम्स व ज्वैलरी, कुछ चु¨नदा टेक्सटाइल उत्पाद, रेलवे उत्पादों का आस्ट्रेलिया को निर्यात करता है। ट्रेड डील होने पर भारत की कई वस्तुओं की कीमत आस्ट्रेलिया में कम हो जाएगी और वे वहां चीन से मुकाबला कर सकेंगी। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय दिसंबर से पहले ईयू के साथ भी मिनी ट्रेड डील के लिए वार्ता शुरू करने की पुरजोर कोशिश में जुटा है ताकि अगले वित्त वर्ष 2022-23 में भारत के निर्यात को नए मुकाम तक ले जाया जा सके। चालू वित्त वर्ष में वस्तुओं के निर्यात के लिए 400 अरब डालर का लक्ष्य रखा गया है।

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