बदलते मौसम में चीनी सैनिकों का टूटा मनोबल, सर्दियों के कपड़ों की पड़ रही कमी, मनोरंजन ही बना प्रमुख जरिया

सीमाओं पर तापमान शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने लगा है

चीन सर्द मौसम में पहने जाने वाले कपड़ों की कमी से जूझ रहा है और अब वह ऐसे कपड़ों की आपात खरीद में जुटा है। चीनी जवान शून्य से नीचे के तापमान में खराब गुणवत्ता के कपड़ों और रिहायशी ठिकानों में जिंदा रहने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 08:59 PM (IST) Author: Dhyanendra Singh

नई दिल्ली, आइएएनएस। विकट मौसम और भौगोलिक स्थिति में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तैनात चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों का मनोबल बेहद निम्न स्तर पर है। अपने जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए अब चीन ने उनके लिए फिटनेस सेंटर, गर्म पानी वाले स्वीमिंग पूल, हाट टब, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं वाले मनोरंजन केंद्रों की स्थापना करनी शुरू कर दी है।

सीमाओं पर यथास्थिति बदलने के मकसद से चीन ने भारत से लगती एलएसी पर अपने हजारों सैनिक तैनात कर रखे हैं। वहीं सर्दी के मौसम ने अब इलाके में अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है और तापमान शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे में जमीनी स्तर पर रोटेशन कम होने से चीनी सैनिकों की स्थिति बिगड़ गई है। चीनी सेना के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उसके सैनिकों का मनोबल अब बेहद निचले स्तर पर है। सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना के लिए बनाए गए मनोरंजन केंद्रों में कम्प्यूटर और प्ले स्टेशन भी हैं। ऐसा ही एक मनोरंजन केंद्र भारत में चुशुल के सामने मोल्डो गैरीसन में स्थापित किया गया है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि चीन सर्द मौसम में पहने जाने वाले विशेष कपड़ों की कमी से जूझ रहा है और अब वह ऐसे कपड़ों की आपात खरीद में जुटा है। इसके अलावा चीनी सेना के जवान शून्य से नीचे के तापमान में खराब गुणवत्ता के कपड़ों और रिहायशी ठिकानों में जिंदा रहने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

सर्द मौसम के कपड़ों की चीन कर रहा आपात खरीद

सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना के संयुक्त रसद सहायता बल (JLSF) ने सर्द मौसम के कपड़ों की आपात खरीद के लिए एक गुणवत्ता निगरानी दल का गठन किया है। इस दल को कपड़ों की अच्छी गुणवत्ता और अग्रिम इलाकों में तैनात जवानों को त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके लिए विशेष श्रमिक वर्गो का गठन, वैज्ञानिक योजना, फैक्ट्री की निगरानी, कार्यस्थल का निरीक्षण और उत्पादन की निगरानी के लिए फैक्टि्रयों में सैन्य प्रतिनिधियों की नियुक्ति जैसे आपात उपाय किए गए हैं। यह टीम सीधे केंद्रीय सैन्य आयोग को रिपोर्ट कर रही है।

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