अमित शाह ने दी चेतावनी, हमारी सीमाओं का उल्लंघन आसान नहीं, पहली बार देश ने विदेश नीति से रक्षा नीति को किया अलग

गृह मंत्री ने कहा कि अतीत में आतंकी आते थे और हमारे सैनिकों को मारकर वापस चले जाते थे। घुसपैठ की इन घटनाओं पर कोई जवाब नहीं दिया जाता था। यह पहली बार है जब हमारे प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि हमारी सीमाओं का उल्लंघन आसान नहीं होगा।

Dhyanendra Singh ChauhanSat, 04 Dec 2021 09:22 PM (IST)
गृहमंत्री अमित शाह की फाइल फोटो ।

नई दिल्ली, प्रेट्र। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि सरकार ने पहली बार उड़ी और पुलवामा हमलों के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों के जरिये रक्षा नीति को विदेश नीति के साये से बाहर निकाला और इस कदम से भारत अमेरिका और इजरायल जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया। गृह मंत्री ने एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में कहा कि ये हमले आतंक के खिलाफ कड़ा जवाब और साथ ही सरकार के 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प का प्रदर्शन था।

गृह मंत्री ने कहा कि अतीत में आतंकी आते थे और हमारे सैनिकों को मारकर वापस चले जाते थे। घुसपैठ की इन घटनाओं पर कोई जवाब नहीं दिया जाता था। यह पहली बार है, जब हमारे प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि हमारी सीमाओं का उल्लंघन आसान नहीं होगा।

शाह ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, पूरी दुनिया हैरान थी, जब भारतीयों ने आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया और सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिये उनके घर में घुस कर उन्हें मारा।

उड़ी आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा हमले के बाद आतंकी शिविरों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि भारत ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि केवल अमेरिका और इजरायल ने ही इस तरह के रणनीतिक हमले किए। लेकिन इन हमलों ने ऐसे अभियानों में सक्षम राष्ट्रों की सूची में भारत का नाम शामिल होना सुनिश्चित किया।

जब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू था, तब क्यों नहीं थी शांति : शाह

जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वहां दशकों तक अनुच्छेद 370 लागू रहा, लेकिन क्या शांति रही? उन्होंने कहा कि 2019 में संवैधानिक प्रविधानों को निरस्त किए जाने के बाद से वहां शांति है। व्यवसाय के लिए अच्छा निवेश हो रहा है और पर्यटक आ रहे हैं।

शाह ने कहा कि किसी को विश्वास नहीं था कि अनुच्छेद 370 और 35-ए को हटाया जा सकता है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में यह कर दिखाया। मैं कह सकता हूं कि अब कश्मीर में शांति है। अब वह देश के साथ एक होकर खड़ा है।

यह भी कहा शाह ने

मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के चलते भारत कोरोना वायरस महामारी के असर से बाहर आ रहा है और देश की अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से बढ़ रही है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित किया। भाजपा के सत्ता में आने के बाद से बैंक खाते खोलकर और अन्य सुविधाओं के जरिये 80 करोड़ लोगों को मुख्यधारा में लाया गया। मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले के 10 साल में देश में 'नीतिगत पंगुता' की स्थिति थी और दुनिया में भारत के प्रति सम्मान कम हुआ था।

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