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भारत में टिड्डियों के बढ़ते खतरे को लेकर हाईअलर्ट, टिड्डियों का नया दल मचाएंगे देश में तबाही

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तानी सीमा से टिड्डियों के नए दलों का हमला होने लगा है। उधर, पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ चला टिड्डियों का नया झुंड मानसूनी हवाओं के साथ लौटने भी लगा है। अब उनका झुंड दोगुना हो जाएगा जो तबाही मचाने के लिए काफी होंगे। टिड्डी दलों पर नजर रखने वाला अंतरराष्ट्रीय संगठन फूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गनाइजेशन (एफएओ) ने भारत में बढ़ते खतरे को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। उसके मुताबिक आगामी चार सप्ताह बहुत घातक होगा।

भारत सरकार ने टिड्डी उन्मूलन को लेकर उठाए कारगर कदम 

भारत में टिड्डियों का यह हमला पिछले 26 सालों में पहली बार इतना तेज हुआ है जो पिछले तीन महीने से तबाही मचा रहे हैं। हालांकि भारत सरकार ने टिड्डी उन्मूलन को लेकर कारगर कदम उठाए हैं, जिनमें पहली बार यहां ड्रोन औ हेलिकाप्टर जैसे साधनों का प्रयोग किया जा रहा है। अत्याधुनिक स्प्रेयर टेक्नोलॉजी का प्रयोग शुरु कर दिया गया है। देश में राजस्थान सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य बन गया है। जबकि अन्य प्रभावित राज्यों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार प्रमुख हैं।

एफएओ ने जारी किया हाई अलर्ट, पाक सीमा में टिड्डियों का नया दल तैयार 

एफएओ के जारी हाई अलर्ट में बताया गया है कि इस मौसम में पाकिस्तानी सीमा के भीतर टिड्डियों का नया दल तैयार हो गया है। यह दल लगातार पूर्वी क्षेत्रों की ओर बढ़ता चला रहा है। इनका हमला भारत के उत्तरी राज्यों में बहुत तेज हो सकता है। पूर्वी राज्यों की ओर जो झुंड पूर्वी राज्यों की ओर निकल गया था, उनके अंडों से टिड्डियों का नया झुंड तैयार हो गया है। अब मानसूनी पूर्वी हवाओं के झोंके से टिड्डियों का झंुड एक बार फिर उत्तरी राज्यों में तबाही मचाने पहुंच सकता है।

एफएओ ने सूडान, इथोपिया, दक्षिण सूडान और सोमालिया के लिए भी जारी किया हाई अलर्ट

एफएओ ने इसी तरह का हाई अलर्ट सूडान, इथोपिया, दक्षिण सूडान और सोमालिया के लिए भी जारी किया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, दौसा व भरतपुर में नया दल सक्रिय हो गया है। इन्हीं में से कुछ झुंड उत्तर प्रदेश के झांसी और महोबा के ऊपर छाने लगे हैं। इन्हें मारने के लिए सभी तरह के उपाय किये जा रहे हैं। उन्हें अनुमान है कि इन टिड्डियों का सफाया कर दिया जाएगा। कई लाख हेक्टेयर जमीनों से उनका सफाया कर दिया गया है। प्रभावित राज्यों में तकरीबन 60 कंट्रोल टीमें लगाई गई है, जिनमें 200 से अधिक केंद्र के अफसरों की तैनाती की गई है।

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