देश में एससी-एसटी, ओबीसी और महिलाओं की योजनाओं के लिए जीओएम गठित, पहली बैठक संपन्न

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह (जीओएम) का गठन किया है। इस जीओएम की बैठक पहली बार गुरुवार को हुई। यह जानकारी सूत्रों ने दी।उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह कदम उठाया गया है।

Shashank PandeyFri, 17 Sep 2021 07:35 AM (IST)
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह (जीओएम) का गठन।(फोटो: दैनिक जागरण)

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की खातिर राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह (जीओएम) का गठन किया है। इस जीओएम की बैठक पहली बार गुरुवार को हुई। यह जानकारी सूत्रों ने दी।उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह कदम उठाया गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के उत्तर प्रदेश के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान जीओएम के सदस्य हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्तार अब्बास नकवी, अर्जुन मुंडा, किरण रिजिजू और वीरेंद्र कुमार भी इसमें शामिल हैं।सूत्रों ने बताया कि जीओएम की पहली बैठक गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई। गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी जीओएम की सदस्य हैं, लेकिन व्यस्तताओं के चलते वे बैठक में शामिल नहीं हो सके। इस बैठक में एससी, एसटी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से विचार कर उन्हें शीघ्र लागू करने पर चर्चा हुई।

तमिलनाडु में नीट को लेकर एक और छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया

तमिलनाडु में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर एक 17 वर्षीया छात्रा ने गुरुवार को आत्मदाह का प्रयास किया। इस प्रयास में वह बुरी तरह झुलस गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया, लड़की ने 12 सितंबर को परीक्षा दी थी। उरापक्कम में स्थित अपने घर में जब वह अकेली थी तब उसने आत्मदाह का प्रयास किया। वह 60 फीसद जल गई है। गौरतलब है कि बुधवार को वेल्लोर जिले के पड़ोसी काटपदी के समीप तालाइयारामपट्टु गांव में एक 17 वर्षीया लड़की ने आत्महत्या कर ली थी। इससे एक दिन पहले अरियालुर जिले में एक 17 वर्षीया छात्रा ने अपनी जान दे दी थी।

 

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