गहलोत ने कहा- विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही मोदी सरकार

भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत के अभियान का विरोध किया जाना चाहिए।

केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षक बनाए गए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 07:24 PM (IST) Author: Bhupendra Singh

तिरुअनंतपुरम, प्रेट्र। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

गहलोत ने कहा- संघ और भाजपा लोकतंत्र को कर रही खत्म

केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षक बनाए गए गहलोत ने कहा कि राजस्थान में उनकी सरकार लोगों के कड़े विरोध के चलते बच गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत के अभियान का विरोध किया जाना चाहिए।

केरल विधानसभा चुनाव: कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने सांसदों और विधायकों से मुलाकात की

गहलोत के साथ कांग्रेस के दो अन्य पर्यवेक्षक-गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री एल फलेरियो और कर्नाटक के पूर्व उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर भी थे। तीनों ने राज्य के कांग्रेस सांसदों और विधायकों से मुलाकात की।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी अध्यक्ष का चुनाव मई से पहले उचित नहीं

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा। इस दौरान गहलोत की पत्र लिखने वाले कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य आनंद शर्मा के साथ बहस भी हुई। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और उदयपुर के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा ने भी गहलोत का साथ दिया। गहलोत व मीणा ने कहा कि कोरोना महामारी और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए मई से पहले संगठन चुनाव कराना उचित नहीं होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में शामिल रहे एक वरिष्ठ नेता ने  बताया कि गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठन चुनाव कराने की मांग करने वाले क्यों खुद चुनाव जीतकर महासचिव और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.