DATA STORY: कोरोना महामारी में आप दिन में कितनी बार धो रहे हैं हाथ? जानें, भारत समेत पूरी दुनिया का हाल

118 देशों में हुए सर्वे में शामिल 58 फीसद लोगों ने कहा कि वे दिन में पांच हाथ धोते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएस सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन जैसे संस्थान कहते हैं कि कोरोना महामारी रोकने के लिए दिन में पांच या उससे ज्यादा बार हाथ जरूर धोना चाहिए। पर क्या दुनिया भर के लोग इस नियम का पालन कर रहे हैं?

Vineet SharanSat, 08 May 2021 08:46 AM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बीच शारीरिक दूरी और मास्क पहनने के साथ हाथ धुलने की आदत बेहद आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएस सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन जैसे संस्थान कहते हैं कि कोरोना महामारी रोकने के लिए दिन में पांच या उससे ज्यादा बार हाथ जरूर धोना चाहिए। पर क्या दुनियाभर के लोग इस नियम का पालन कर रहे हैं? गैलेप के हालिया सर्वे रिपोर्ट में कोरोना से संबंधित ऐसे ही कई सवालों का जवाब जानने की कोशिश की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 118 देशों में हुए सर्वे में शामिल 58 फीसद लोगों ने कहा कि वे दिन में पांच या इससे ज्यादा बार साबुन और पानी से हाथ धोते हैं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं। वहीं 2 फीसद वयस्कों ने कहा कि उन्होंने पिछले दिन एक बार भी हाथ नहीं धोया है। इसका अर्थ है कि दुनिया के 8.6 करोड़ लोग हाथ ही नहीं धो रहे हैं।

ज्यादा सफाई रखने वाले देश के लोग

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादा बार हाथ धोने के मामले में दुनिया में डेनमार्क और नार्वे के लोग सबसे आगे हैं। इन देशों में 94 प्रतिशत लोग दिन में पांच या इससे ज्यादा बार हाथ धुलते हैं। वहीं इसके बाद माल्टा, नार्थ मैसेडोनिया, सर्बिया, क्रोशिया, मोंटेग्रो, पुर्तगाल, हंगरी और स्लोवेनिया जैसे देश शामिल हैं।

माली और सेनेगल में सबसे कम सफाई

सर्वे के मुताबिक दुनिया में सबसे कम माली में केवल 21 फीसद लोग पांच या ज्यादा बार हाथ धोते हैं। वहीं 10 फीसद 4 बार, 22 फीसद तीन बार, 17 फीसद 2 बार और 9 फीसद लोग दिन में सिर्फ 1 बार हाथ धोते हैं। वहीं 18 फीसद लोग हाथ ही नहीं धुलते हैं। सेनेगल, बेनिन, नाइजीरिया, गिनी, भारत, थाईलैंड, गॉबन, वियतनाम और कंबोडिया हाइजीन की इस सूची में सबसे नीचे हैं।

भारत सूची में नीचे से छठवां देश

भारत मे सिर्फ 38 फीसद लोग पांच या उससे ज्यादा बार अपने हाथ साफ करते हैं। वहीं 18 फीसद लोग दिन में 4 बार, 19 फीसद लोग 3, 13 फीसद 2 बार और 4 फीसद लोग दिन में एक बार हाथ धोते या सेनेटाइज करते हैं। वहीं भारत के तीन फीसद लोग हाथ ही नहीं धुलते हैं।

हाथ न धोने का कारण

रिपोर्ट के मुताबिक हाथ न धुलने का एक बड़ा कारण सभी जगह साफ पेयजल उपलब्ध न होना है। जैसे माली में 90 लाख लोगों के पास हाथ धोने का पानी नहीं है। वहीं सेनेगल ऐसे 1.2 करोड़ लोग हैं। भारत में हाथ न धोने वालों में से 33 फीसद ऐसे लोग हैं जिनके पास पानी की कमी है।

सर्वे की बड़ी बातें

-महिलाएं पुरुषों से ज्यादा हाथ धो रही हैं। 64 फीसद महिलाएं औप 52 फीसद पुरुष दिन में पांच या ज्यादा बार हाथ धोते हैं

-ज्यादा पड़े लिखे लोग ज्यादा सफाई रख रहे हैं। प्राइमरी तक पढ़े 48 फीसद लोग और यूनिवर्सिटी तक पढ़े 73 फीसद लोग ज्यादा हाइजीन का पालन करते हैं

-शहरों में लोग ज्यादा सफाई रख रहे हैं। 63 फीसद शहरी और 54 फीसद ग्रामीण मानकों का पालन करते हैं 

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