जनवरी से रेस्तरां के मेन्यू कार्ड में व्यंजन के साथ देनी होगी कैलोरी की भी जानकारी, FSSAI कर रहा तैयारी

ईट राइट इंडिया के सरकारी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। आगामी जनवरी से रेस्तरां में खाने के दौरान दिए जाने वाले मेन्यू कार्ड में सिर्फ व्यंजनों की जानकारी नहीं होगी बल्कि उसके साथ यह भी लिखा होगा कि किस व्यंजन में कितनी कैलोरी हैं।

Arun Kumar SinghWed, 27 Oct 2021 08:36 PM (IST)
ईट राइट इंडिया के सरकारी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सही भोजन, बेहतर जीवन (ईट राइट इंडिया) के सरकारी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। आगामी जनवरी से रेस्तरां में खाने के दौरान दिए जाने वाले मेन्यू कार्ड में सिर्फ व्यंजनों की जानकारी नहीं होगी, बल्कि उसके साथ यह भी लिखा होगा कि किस व्यंजन में कितनी कैलोरी हैं। ताकि ग्राहक पूरी तरह से कैलोरी उपभोग से वाकिफ रहे। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) इसकी तैयारी कर रहा है। जल्द ही शाकाहारी उत्पादों के लिए वेगन लोगो (शुद्ध शाकाहारी होने का चिह्न) भी जारी किया जाएगा।

शाकाहारी उत्पादों की प्रामाणिकता के लिए वेगन लोगो भी होगा जारी

एफएसएसएआइ के सीईओ अरुण सिंघल ने बताया कि ईट राइट इंडिया अभियान के तहत ग्राहकों को पौष्टिक भोजन की सभी जानकारियां दी जाएंगी। जनवरी से जब उपभोक्ता किसी रेस्तरां में जाएंगे तो उन्हें दिए जाने वाले खाने की मात्रा के साथ यह भी जानकारी दी जाएगी कि किस खाने में कितनी कैलोरी हैं। रेस्तरां में दिए जाने वाले मेन्यू कार्ड में यह जानकारी उपलब्ध होगी।

अभी रेस्तरां के मेन्यू कार्ड में यह भी नहीं लिखा होता कि एक प्लेट दाल में 100 ग्राम दाल है या 150 ग्राम। सिर्फ फुल और हाफ प्लेट की जानकारी होती है। औद्योगिक संगठन फिक्की के एक कार्यक्रम में सिंघल ने बताया कि एफएसएसएआइ जल्द ही वेगन लोगो जारी करने जा रहा है जो शाकाहारी भोजन का प्रतीक होगा। उन्होंने बताया कि शाकाहारी लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और शाकाहारी भोजन के प्रमाण को लेकर कुछ भी उपलब्ध नहीं है।

शाकाहारी लोगों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर उठाया जा रहा कदम

सिंघल ने बताया कि घरेलू बाजार के लिए भी एक जोखिम प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है जिसके तहत घरेलू बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थो के उत्पादकों का प्रोफाइल, खाद्य पदार्थों से जुड़ी सभी जानकारियां और उनसे जुड़ी मानक रिपोर्ट रखी जाएगी। इससे खाद्य सुरक्षा निरीक्षक के अनावश्यक निरीक्षण खत्म हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि एफएसएसएआइ जल्द ही हमेशा के लिए लाइसेंस (परपीच्युअल लाइसेंस) की धारणा लेकर आ रहा है जिसके लागू होने के बाद लाइसेंस का नवीनीकरण कराने की जरूरत नहीं रहेगी। एफएसएसएआइ खाद्य जांच के लिए त्वरित किट पर फोकस कर रहा है।

सिंघल ने बताया कि खाद्य पदार्थो की मोबाइल लैब जांच सुविधा शुरू करने की धारणा रखने वालों चुनिंदा देशों में भारत भी शामिल हो गया है। फिक्की की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक देश के 48 प्रतिशत युवा (18-30) खाने के मामले में स्वाद से ज्यादा स्वास्थ्य को तरजीह देते हैं, लेकिन 41 प्रतिशत युवाओं का मानना है कि पौष्टिक एवं स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भोजन अपेक्षाकृत महंगे होते हैं।

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