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Gaganyaan: अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत का ख्याल रखेंगे वायुसेना के फ्लाइट सर्जन, फ्रांस में होगी ट्रेनिंग

नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मानव मिशन 'गगनयान' (Gaganyaan mission) में अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) की सेहत का ख्याल रखने के लिए भारतीय फ्लाइट सर्जनों (Flight surgeons) को फ्रांस में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को वर्ष 2022 में अंतरिक्ष में ले जाने वाले गगनयान प्रोजेक्ट के लिए इन चिकित्सकों की दो हफ्ते की ट्रेनिंग बेहद अहम है।

अधिकारियों ने बताया है कि फ्रांस की स्पेस एजेंसी सीएनईएस के अध्यक्ष जीन यस लॉ गाल इस हफ्ते के अंत में बेंगलुरु पहुंचेंगे। तभी इसरो और फ्रेंच स्पेस एजेंसी के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर दस्तखत किए जाएंगे।

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय वायुसेना के चिकित्सक विशेष प्रशिक्षण के साथ ही 'फ्लाइट सर्जन' बनाए जाएंगे। इनको एविएशन मेडिसिन में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही यह अंतरिक्ष यात्रा से पहले, यात्रा के दौरान और उसके बाद भी इन तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत व इलाज के लिए जिम्मेदार होंगे। इन 'फ्लाइट सर्जन' का चयन जल्द ही किया जाएगा। इन छांटे गए 'फ्लाइट सर्जन' को फ्रांस में दो हफ्ते की विशिष्ट प्रशिक्षण से गुजरना होगा। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के 'फ्लाइट सर्जन' ब्रिजिट गोडार्ड पिछले साल जुलाई और अगस्त के महीने में भारत में थे। उन्होंने ही चिकित्सकों और इंजीनियरों का प्रशिक्षण किया था।

स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में फ्रांस को विशेषज्ञता हासिल है। फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस की एक सहायक स्पेस क्लीनिक हैं जिसका नाम एमईडीईएस है। यहां पर फ्लाइट सर्जनों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इस बात पर भी वार्ता जारी है कि आगे के प्रशिक्षण के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को क्या फ्रांस भेजा जाना चाहिए। भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में करार हो चुका है। दोनों देशों ने मार्च, 2018 में अंतरिक्ष में सहयोग के लिए संयुक्त विचार पत्र पर दस्तखत किए थे। यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गगनयान प्रोजेक्ट की घोषणा के कई महीने पहले ही हो गया था।

उल्लेखनीय है कि गगनयान कार्यक्रम के लिए चयनित चार अंतरिक्ष यात्रियों को चयनित किया जा चुका है। यह सभी भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट हैं और मौजूदा समय में 11 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए रूस में हैं।

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