जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन का निधन, पीएम मोदी और अमित शाह ने दुख जताया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन (93) का निधन

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन (93) का सोमवार रात को दिल्ली में बीमारी के बाद निधन हो गया। पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि जगमोहन जी का निधन हमारे राष्ट्र के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।

Arun Kumar SinghTue, 04 May 2021 08:16 AM (IST)

नई दिल्ली, एएनआइ। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन मल्होत्रा का सोमवार रात को निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। उन्होंने दिल्ली में अपनी अंतिम सांस ली। पद्म विभूषण से सम्मानित जगमोहन राज्यपाल होने के अलावा केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे। जगमोहन लोकसभा में भी निर्वाचित हुए थे। उन्होंने नगरीय विकास तथा पर्यटन मंत्री के पद का भी कार्यभार संभाला था।

उन्हें दो बार जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल चुना गया था। वह 1984 से 1989 तक और फिर 1990 में जनवरी से मई तक इस पद पर रहे थे। जगमोहन को पहले कांग्रेस सरकार ने 1984 में राज्यपाल बनाकर भेजा। पहली पारी के दौरान वह जून 1989 तक राज्यपाल रहे। फिर वीपी सिंह सरकार ने उन्हें दोबारा जनवरी 1990 में राज्यपाल के रूप में भेजा। वह इस पद पर मई 1990 तक रहे। जगमोहन मल्होत्रा बाद में राजनीति में उतरे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वह मंत्री भी बने थे।

पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि जगमोहन जी का निधन हमारे राष्ट्र के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। वह एक अनुकरणीय प्रशासक और एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उन्होंने हमेशा भारत की बेहतरी की दिशा में काम किया। उनके मंत्रित्व कार्यकाल के दौरान इनोवेटिव नीति निर्धारण किया गया था। उनके परिवार और प्रशंसकों को मेरी तरफ से संवेदना।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जगमोहन जी को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उनके उल्लेखनीय कार्यकाल के लिए हमेशा याद किया जाएगा। एक सक्षम प्रशासक और बाद में एक समर्पित राजनेता जिन्होंने राष्ट्र की शांति और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। भारत उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ओम शांति। 

1927 में जन्मे जगमोहन दिल्ली के एलजी भी रह चुके थे। जगमोहन मल्होत्रा को आपातकाल के दौरान उन्हें राजधानी के सौंदर्यीकरण का काम सौंपा गया था। वो कुछ समय के लिए गोवा, दमन ओर दीव के भी राज्यपाल रहे। बाद में 1984 से लेकर 1989 तक अविभाजित जम्मू कश्मीर राज्य के राज्यपाल रहे थे। उस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में फैले चरमपंथ के खिलाफ सख्त कदम उठाए। राज्यपाल रहते हुए जगमोहन ने घाटी में कई सख्त फैसले किए। आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन की भी रणनीति बनाई। कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार भी रोकने की कोशिश की।

ज्ञात हो कि 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद बीजेपी ने जब संपर्क अभियान शुरू किया था तो उस समय अमित शाह और मौजूदा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन मल्होत्रा से मिलने चाणक्यपुरी स्थित उनके घर पहुंचे थे। अमित शाह ने संपर्क अभियान की शुरुआत जगमोहन के साथ मुलाकात के साथ शुरू की थी।

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